दौलत खून मांगती है।
दीवाने दौलत के- अमित श्रीवास्तव
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में अमित श्रीवास्तव एक नवोदित लेखक हैं। सन् 2017 में 'फरेब' के पश्चात नवम्बर 2021 में प्रकाशित 'दौलत के दीवाने' इनका द्वितीय उपन्यास है। दोनों ही उपन्यासों में इनकी लेखन क्षमता पल्लवित होती नजर आती है। प्रथम उपन्यास 'फरेब' एक मर्डर मिस्ट्री था तो द्वितीय उपन्यास 'दौलत के दीवाने' एक थ्रिलर उपन्यास है।
यह कहानी है चेन्नई के द्वीप पर सदियों पुराने छुपे अकूत खजाने की। जैसे पाना तो हर कोई चाहता है, लेकिन यह हर किसी के लिए संभव नहीं था। क्योंकि दौलत खून मांगती है। प्रथम बार उस खजाने को देखने वाले भी दौलत की हवस में खून का सौदा कर बैठे थे। बाद में इस खजाने को पाने वाले लोग भी खून का खेल खेलने से पीछे नहीं हटे।
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में अमित श्रीवास्तव एक नवोदित लेखक हैं। सन् 2017 में 'फरेब' के पश्चात नवम्बर 2021 में प्रकाशित 'दौलत के दीवाने' इनका द्वितीय उपन्यास है। दोनों ही उपन्यासों में इनकी लेखन क्षमता पल्लवित होती नजर आती है। प्रथम उपन्यास 'फरेब' एक मर्डर मिस्ट्री था तो द्वितीय उपन्यास 'दौलत के दीवाने' एक थ्रिलर उपन्यास है।
| लेखक अमित श्रीवास्तव जी के साथ |
यह कहानी है चेन्नई के द्वीप पर सदियों पुराने छुपे अकूत खजाने की। जैसे पाना तो हर कोई चाहता है, लेकिन यह हर किसी के लिए संभव नहीं था। क्योंकि दौलत खून मांगती है। प्रथम बार उस खजाने को देखने वाले भी दौलत की हवस में खून का सौदा कर बैठे थे। बाद में इस खजाने को पाने वाले लोग भी खून का खेल खेलने से पीछे नहीं हटे।