मौत की अंगूठी
शालीमार- हसन अलमास
The vulture is a patient Bird का हिन्दी अनुवाद
वह एक मौत की अंगूठी। जिसने भी उसे पाना चाहा, वह मौत के मुँह में समा गया। सदियों से वह अपने चाहने/पाने वालों को मौत की नींद सुलाती आयी है, और फिर भी उस अंगूठी को चाहने/ पाने की संख्या में कोई भी कमी नहीं आयी। हर कोई उस अंगूठी को पाना चाहता है।
रवि पॉकेट बुक्स से अगस्त 2020 में जेम्स हेडली चेइज के उपन्यास 'The Valture is a patient Bird' का हिन्दी अनुवाद शालीमार शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। यह अनुवाद दिल्ली निवासी हसन अलमास साहब ने किया है। यह मात्र शाब्दिक अनुवाद नहीं है, यह शब्दों के साथ-साथ भावों का भी सार्थक अनुवाद है। अगर किसी कहानी का मात्र शब्द अनुवाद किया जाये तो वह कोई अच्छी पठनीय रचना नहीं बन पाती। अनुवाद में भाव, रस आदि का भी आनुपातिक प्रस्तुतीकरण आवश्यक है, इस दृष्टि से यह कृति सही है और अनुवाद महोदय के परिश्रम को दर्शाती है। मिस्टर आर्मो शालिक एक एजेंट था जो रुपयों के किए कुछ कानूनी और गैर कानूनी कार्य करता है। -
"...मेरे काम में मेरा पाला दौलतमंद बिगडैलों, काइयां बिजनेसमैनों और अरब के कुछ शहजादों से पड़ता है।" शालिक नर जवाब देते हुए कहा-"और वो मेरे क्लाइंट इसलिए हैं कि मैं उनके कई नामुमकिन समझे जाते काम करता हूँ। "(पृष्ठ-53)
इस बार उसके पास काम है एक बेहद खतरनाक अंगूठी को प्राप्त करना। जो की अफ्रीका के जंगलों में एक बेहद खतरनाक व्यक्ति के बेहद सुरक्षित म्यूजियम में हैं। इस काम के लिए आर्मो शालिक एक टीम तैयार करता है।
गैरी एडवर्ड्स- हेलिकाॅप्टर पायलट और कार हैंडलिंग का जानकार है।
कैनेडी जौन्स- अफ्रीका के जंगलों का जानकार।
मिस्टर ल्यू फेनल- एक्सपर्ट तिजोरी तोड़।
गे डेस्मंड- ट्रोज हाॅर्स, खतरनाक हसीना।
"... आज यहाँ मैंने आप लोगों को जिस आप्रेशन के तहत इकट्ठा किया है, उसका इकलौता मकसद है।"- शालिक शांत स्वर में बोला-" उस तारीखी अंगूठी को हासिल करना।"(पृष्ठ-41)
- उस अंगूठी में विशेष क्या है?
- वह मौत की अंगूठी क्यों कहलाती है?
- क्या, शालिक की योजना कामयाब रही?
- उस सुरक्षित म्यूजियम से अंगूठी चोरी हो पायी?
- अफ्रीका के खतरनाक जंगलों में कैसे गुजरे ?
इस सब प्रश्नों और घटनाओं को जानने के लिए हसन अलमास द्वारा अनुवादित 'शालीमार' उपन्यास पढना होगा।
शालीमार- हसन अलमास
The vulture is a patient Bird का हिन्दी अनुवाद
वह एक मौत की अंगूठी। जिसने भी उसे पाना चाहा, वह मौत के मुँह में समा गया। सदियों से वह अपने चाहने/पाने वालों को मौत की नींद सुलाती आयी है, और फिर भी उस अंगूठी को चाहने/ पाने की संख्या में कोई भी कमी नहीं आयी। हर कोई उस अंगूठी को पाना चाहता है।
रवि पॉकेट बुक्स से अगस्त 2020 में जेम्स हेडली चेइज के उपन्यास 'The Valture is a patient Bird' का हिन्दी अनुवाद शालीमार शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। यह अनुवाद दिल्ली निवासी हसन अलमास साहब ने किया है। यह मात्र शाब्दिक अनुवाद नहीं है, यह शब्दों के साथ-साथ भावों का भी सार्थक अनुवाद है। अगर किसी कहानी का मात्र शब्द अनुवाद किया जाये तो वह कोई अच्छी पठनीय रचना नहीं बन पाती। अनुवाद में भाव, रस आदि का भी आनुपातिक प्रस्तुतीकरण आवश्यक है, इस दृष्टि से यह कृति सही है और अनुवाद महोदय के परिश्रम को दर्शाती है। मिस्टर आर्मो शालिक एक एजेंट था जो रुपयों के किए कुछ कानूनी और गैर कानूनी कार्य करता है। -
"...मेरे काम में मेरा पाला दौलतमंद बिगडैलों, काइयां बिजनेसमैनों और अरब के कुछ शहजादों से पड़ता है।" शालिक नर जवाब देते हुए कहा-"और वो मेरे क्लाइंट इसलिए हैं कि मैं उनके कई नामुमकिन समझे जाते काम करता हूँ। "(पृष्ठ-53)
इस बार उसके पास काम है एक बेहद खतरनाक अंगूठी को प्राप्त करना। जो की अफ्रीका के जंगलों में एक बेहद खतरनाक व्यक्ति के बेहद सुरक्षित म्यूजियम में हैं। इस काम के लिए आर्मो शालिक एक टीम तैयार करता है।
गैरी एडवर्ड्स- हेलिकाॅप्टर पायलट और कार हैंडलिंग का जानकार है।
कैनेडी जौन्स- अफ्रीका के जंगलों का जानकार।
मिस्टर ल्यू फेनल- एक्सपर्ट तिजोरी तोड़।
गे डेस्मंड- ट्रोज हाॅर्स, खतरनाक हसीना।
"... आज यहाँ मैंने आप लोगों को जिस आप्रेशन के तहत इकट्ठा किया है, उसका इकलौता मकसद है।"- शालिक शांत स्वर में बोला-" उस तारीखी अंगूठी को हासिल करना।"(पृष्ठ-41)
- उस अंगूठी में विशेष क्या है?
- वह मौत की अंगूठी क्यों कहलाती है?
- क्या, शालिक की योजना कामयाब रही?
- उस सुरक्षित म्यूजियम से अंगूठी चोरी हो पायी?
- अफ्रीका के खतरनाक जंगलों में कैसे गुजरे ?
इस सब प्रश्नों और घटनाओं को जानने के लिए हसन अलमास द्वारा अनुवादित 'शालीमार' उपन्यास पढना होगा।
