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Tuesday, 31 December 2024

614. घर का दुश्मन- प्रेम प्रकाश

कहानी ब्लैकमेलिंग की
घर का दुश्मन- प्रेम प्रकाश- 
दिसंबर-1966
हिंदी अपराध साहित्य में बहुसंख्यक कहानियाँ बिखरी पड़ी हैं, इनमें से कभी-कभार कुछ नया और अच्छा पढने को मिल जाता है। ऐसा ही एक एक छोटा सा उपन्यास पढने को मिला, जिसकी छोटी और सामान्य सी कहानी अच्छी लगी। इस उपन्यास का नाम है- घर का दुश्मन ।
नकहत पब्लिकेशन -इलाहाबाद का नाम विशेष रूप से इब्ने सफी साहब से संबंधित है। और उनके उपन्यासों का हिंदी अनुवाद करने के लिए जाने जाते हैं प्रेम प्रकाश जी।  स्वयं प्रेम प्रकाश जी ने भी उपन्यास लिखे हैं। प्रस्तुत उपन्यास 'घर का दुश्मन' इन्हीं का ही है।
उपन्यास का कथानक- उपन्यास की कहानी ब्लैकमेलिंग पर आधारित है। एक संगठित गिरोह का बाॅस अपने आदमियों से सुनियोजित तरीके से अलग- अलग शहरों में लोगों को फंसा कर ब्लैकमेल कर रूपया लेता है।

Friday, 15 October 2021

464. सरहदी तूफान- प्रेम प्रकाश

सरहद पर उठा एक खतरनाक तूफान
सरहदी तूफान- प्रेम प्रकाश
    
      Hindi Pulp Fiction में प्रेम प्रकाश का नाम पाठकों के लिए अपरिचित नहीं है। हालांकि पाठकवर्ग इन्हें लेखक के तौर पर कम और अनुवादक के रूप में ज्यादा जानते हैं। हिंदी जासूसी साहित्य को एक नया आयाम देने वाले इब्ने सफी के उर्दू उपन्यासों को हिंदी में अनुदित करने का कार्य प्रेम प्रकाश ही किया करते थे।
     बहुत से लेखक अनुवादक से लेखक बने हैं और इसी क्रम में नाम आता है प्रेमप्रकाश का। प्रेम प्रकाश का जितना नाम अनुवादक के तौर पर चर्चित रहा उतना एक लेखक के तौर पर चर्चित न रहा। 
     नकहत प्रकाशन -इलाहाबाद से सन् 1976 में प्रकाशित उपन्यास 'सरहदी तूफान' पढा‌ जो एक रोचक जासूसी उपन्यास है।
    शहर का एक चर्चित क्लब- प्रिंस नाइट क्लब।
    जासूस राजन भी इसी क्लब में था, जहाँ उसे कुछ संदिग्ध आदमी दिखे थे और वह उनका पीछा करता हुआ घने जंगल में पहुँच गया।
वे तीन आदमी थे। लेकिन जब राजन वहाँ पहुंचा तो उसे वहाँ एक आदमी की लाश मिली। यह उसी आदमी की लाश थी जिसे वह विचित्र आदमी प्रिंस नाइट क्लब में बराबर घूरे जा रहा था और जिसे वह अपने साथ यहाँ तक लाया था। (पृष्ठ-10)