लड़कियों का कातिल
फिल्म स्टार- रतनपिया
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य के विशाल समुद्र में पाठक जितना गहरा जाता है उसे उतने ही मोती मिलते हैं। ऐसे-ऐसे मोती जिनकी चमक तो बहुत है लेकिन वक्त की गर्द में धुंधले हो गये हैं। ऐसा ही एक मोती है -रतनपिया।रतनपिया एक वास्तविक नाम है या छद्म लेखन यह तो स्पष्ट नहीं है पर यह उपन्यास सितम्बर1966 में प्रकाशित हुआ था। वहीं प्रथम छद्म लेखक कहे जाने वाले कर्नल रंजीत का प्रथम उपन्यास 'हत्या का रहस्य' 1967 में प्रकाशित हुआ था।
एक समय था जब इलाहाबाद लोकप्रिय उपन्यास साहित्य का केन्द्र हुआ करता था, वहाँ से असंख्य मासिक पत्रिकाएं प्रकाशित होती थी जिनमें उपन्यास छपते थे।
इलाहाबाद का एक प्रकाशन संस्थान था 'फ्रेण्डस एण्ड कम्पनी' जो 'जासूसी आँख' मासिक पत्रिका प्रकाशित करता था। उस पत्रिका में सितम्बर 1966 में रतनपिया का उपन्यास 'फिल्म स्टार' प्रकाशित हुआ था।
एक समय था जब इलाहाबाद लोकप्रिय उपन्यास साहित्य का केन्द्र हुआ करता था, वहाँ से असंख्य मासिक पत्रिकाएं प्रकाशित होती थी जिनमें उपन्यास छपते थे।
इलाहाबाद का एक प्रकाशन संस्थान था 'फ्रेण्डस एण्ड कम्पनी' जो 'जासूसी आँख' मासिक पत्रिका प्रकाशित करता था। उस पत्रिका में सितम्बर 1966 में रतनपिया का उपन्यास 'फिल्म स्टार' प्रकाशित हुआ था।
