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Saturday, 11 September 2021

459. उनका आखिरी गाना- राॅइन रागा, रिझ्झम रागा

पेड़ों की दुनिया की यात्रा
उनका आखिरी गाना- राॅइन रागा, रिझ्झम रागा

'नई पीढी के फतांसी लेखकों में रागा बंधुओं का कोई सानी नहीं।- दीपक दुआ(प्रख्यात फिल्म निर्देशक)

    जब मैंने पहली बार रागा बंधुओं को फेसबुक पर उनके चर्चित उपन्यास 'पानी की दुनिया' के साथ देखा तो तभी से इनके उपन्यास पढने की इच्छा जागृत हो गयी। 'पानी की दुनिया' इनका एक चर्चित फतांसी उपन्यास है। 

उनका आखरी गाना- रागा बंधु
उनका आखिरी गाना- रागा बंधु
-   मैं अक्सर फेसबुक पर चर्चा सुनता रहता था कि जयपुर निवासी रागा बंधुओं (राॅइन रागा, रिझ्झम रागा) की कहानियाँ एक अलग दुनिया की यात्रा करवाती हैं। जयपुर एक दो चक्र भी लगे पर मेरी परिचित दुकानों पर संयोग से इनके उपन्यास नहीं मिले। एक दिन किंडल पर सर्च करते समय रागा बंधुओं का उपन्यास 'उनका आखिरी गाना' सामने आया तो उस पढ डाला। हालांकि इनके उपन्यास पहले किंडल पर उपलब्ध नहीं थे। और अब भी कुछ तकनीकी समस्या के साथ उपलब्ध हैं। 
  जैसा की सुना था रागा बंधुओं के उपन्यास फतांसी होते हैं, वहीं 'उनका आखिरी गाना' पढकर जाना यह फंतासी मात्र कोरी कल्पना ही नहीं मानवीय संवेदना का अनूठा चित्रण भी है।
      'उनका आखिरी गाना' मनुष्य के स्वार्थ, भौतिकता और वृक्षों पर आधारित एक रोचक लघु उपन्यास है।