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Wednesday, 15 April 2020

293. रैना@ मिडनाइट- नीतिन मिश्रा

रात में जागने वाले...
रैना @मिडनाइट- नितिन‌ मिश्रा, हाॅरर उपन्यास

“अंधविश्वास ने आज भी हमारे देश, हमारे समाज के एक बहुत बड़े हिस्से को, इस कदर अँधा कर रखा है कि उन लोगों की नज़रों को एक इंसान और जानवर में फर्क नहीं दिखाई देता।”, रैना की आवाज़ क्रोध और उत्तेजना से काँप रही थी।
       यह दृश्य है नितिन मिश्रा के उपन्यास 'रैना @ मिडनाइट' का। यह उपन्यास चार दोस्तों की कहानी है जो समाज में व्याप्त भूत-प्रेत के नाम पर फैले अंधविश्वास का खण्डन करने की जिम्मेदारी लेते हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियाँ उन्हे एक ऐसी जगह ले आती हैं जहाँ वे स्वयं नहीं समझ पाते की ये अंधविश्वास है या सत्य। और फिर एक के बाद ऐसी घटनाएं सामने आती हैं की पाठक हत्प्रभ रह जाता है। 


        लेखक महोदय ने जिस तरह से कहानी को बुना है वह बहुत गहरी और रोमांचक होती गयी है। दिमाग की नसों की सनसना देनी वाली यह कहानी अंत तक पाठक को स्वयं से चिपका कर रखती है और उसके बाद भी दिमाग में छायी रहती है।


Wednesday, 31 October 2018

149. वेयरवुल्फ- नितिन मिश्रा

खून का प्यासा मानव भेड़िया
वेयरवुल्फ- नितिन मिश्रा।
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एक शाॅर्ट फिल्म 'वेयरवुल्फ' के लिए फिल्म की टीम एक खतरनाक जंगल में अपनी फिल्म की शुटिंग करने के लिए पहुंची।
             अभी शुटिंग आरम्भ भी न हुयी और एक खतरनाक वेयरवुल्फ अर्थात् मानव भेडिया वास्तव में वहां आ पहुंचा।
             जो घटनाक्रम एक शाॅर्ट फिल्म में दर्शाना था वह खूनी खेल वहाँ वास्तव में खेला गया।
             क्या यह संयोग था या एक षड्यंत्र?
            
उपन्यास की कहानी वास्तव में दिल दहला देने वाली है। पाठक पृष्ठ दर पृष्ठ यही सोचता है की आखिर वास्तविकता क्या है। क्या यह षड्यंत्र है या फिर संयोग। अगर संयोग है तो बहुत भयानक संयोग है अगर षड्यंत्र है तो कौन है षड्यंत्र कर्ता।
            
                         उपन्यास का आरंभ होता है शांंतनु से। शांतनु ने अपने जीवन की सारी जमा पूंजी अपने आखरी दाँव, अपनी शाॅर्ट फिल्म 'वेयरवुल्फ' पर लगा दी। शांतनु अपनी टीम के साथ 'ब्लैक आॅर्किड वुड्स' नामक  जंगल में फिल्म की शुटिंग के लिए पहुंचा।
वेयरवुल्फ अर्थात् मानव भेड़िया पर आधारित थी यह शाॅर्ट फिल्म। लेकिन आपसी तकरार के चलते फिल्म के पात्र फिल्म में काम‌ करने के लिए मना कर देते हैं और शुटिंग स्थल से फिल्म को छोड़ कर निकलने की तैयारी करते हैं।
          इसी दौरान कहानी में‌ प्रवेश होता है मानव भेड़िये का।  सभी सदस्यों पर मानव भेड़िये के आक्रमण आरम्भ हो जाता है।  इस बार पेड़ के पीछे से निकलने वाली आकृति एक मानव भेड़िये यानी वेयरवुल्फ की थी। (पृष्ठ-24)