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Tuesday, 9 March 2021

422. भगवान महावीर

मन पर विजय प्राप्त करने का मार्ग
भगवान महावीर- सर श्री

जैन समाज के चौबीसवें तीर्थंकर को लेकर सर श्री ने 'भगवान महावीर' नामक पुस्तक की रचना की है।
इस में भगवान रचना को कई खण्डों में विभक्त किया गया है और उनमें भगवान महावीर जी के जीवन का वर्णन है।
  एक तरफ जहाँ भगवान महावीर के जीवन का वर्णन है वहीं वर्तमान समय के साथ भी इस रचना को सबद्ध किया गया है।
     हमारा वर्तमान जीवन भौतिकता के चलते बहुत सी परेशानियां से घिरा रहता है उन समस्यों से हम जैसे मुक्ति पा सकते हैं यह विभिन्न उदाहरणों और भगवान जी के जीवन से हम समझ सकते हैं।
   इस रचना में बहुत से रोचक उदाहरण और भगवान महावीर के जीवन के कुछ प्रसंग दिये गये हैं।
   अगर हम संक्षिप्त रूप से भगवान महावीर को समझना चाहते हैं तो यह रचना काफि उपयोगी साबित हो सकती है।
   यह पुस्तक मुझे मेरे गांव के पुस्तकालय 'डॉक्टर भीमराब अम्बेडकर-बगीचा' से उपलब्ध हुयी थी।

रचना- भगवान महावीर- मन पर विजय प्राप्त करने का मार्ग
लेखक- सर श्री
प्रकाशक- मंजुल पब्लिकेशन हाउस



Saturday, 2 January 2021

411. अनोखा सफर- राधानाथ स्वामी

एक अमरिकी युवक आध्यात्मिक भारत यात्रा
अनोखा सफर- राधानाथ स्वामी, आध्यात्मिक यात्रा वृतांत


भारत भूमि अध्यात्म की भूमि है। ऋषि-मुनियों की भूमि है। यहाँ की भूमि में कुछ तो विशेष आकर्षक है जो अभारतीय भी यहाँ खींचे चले आते हैं। और उनके आने का उद्देश्य कोई सामान्य यात्रा नहीं है, वे तो आध्यात्मिक शांति के लिए यहाँ आते हैं। इस पवित्र धरा को समझने आते हैं।
ऐसा ही अमेरिकी युवक भारत आता है और फिर यहाँ का होकर रह जाता है। 
    राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हमारे आदरणी मैम रेखा चौधरी जी को आध्यात्मिक पुस्तकों में विशेष रूचि है। उनके सानिध्य में कुछ आध्यात्मिक किताबें मैंने भी पढी हैं। इस पुस्तक से पूर्व मैंने श्री एम की आध्यात्मिक रचना 'हिमालयवासी गुरु के साये में' पढी थी और संभव यह अध्ययन आगे भी यथावत जारी रहेगा।
   
अनोखा सफर- राधानाथ स्वामी
अनोखा सफर- राधानाथ स्वामी
यह यात्रा है एक बीस वर्षीय अमेरिकी युवक रिचर्ड की। उसे यात्रा का शौक था। एक बार किसी यात्रा में,नदी के किनारे उसे एक आवाज सुनाई देती है-भारत जाओ-भारत जाओ
  इस पुकार पर वह युवक अपना घर-ऐशोआराम त्याग कर 'हिचहाइक'(रास्ते में जो भी साधन मिला उसी से लिफ्ट लेकर यात्रा करना) द्वारा तुर्की, अफगानिस्तान जैसे खतरनाक और आतंकवाद क्षेत्र से पैदल भारत की ओर गमन करता है। खैबर दर्रे से होता हुआ जब वह भारत में प्रवेश चाहता है तो उसे प्रवेश नहीं मिलता। 

Wednesday, 22 July 2020

352. हिमालयवासी गुरु के साये में- श्री एम

साधारण मनुष्य से असाधारण होने तक की आध्यात्मिक यात्रा
हिमालयवासी गुरु के साये में- श्री एम
    एक नवयुवक की भारत के दक्षिणी तट से हिमालय की रहस्यमयी ऊँचाईयों तक की रोमांचक यात्रा जहाँ से उसे अपने महान गुरु मिलते हैं- ज्ञानी, शक्तिवान् और स्नेहमय।

       आध्यात्मिक जीवन चरित पढने का यह मेरा प्रथम अवसर है। किसी के व्यक्तिगत जीवन‌ को पढना हमें तभी रूचिकर प्रतीत होता है, जब हम उस व्यक्ति के विषय में कुछ जानकारी रखते हैं या उस व्यक्ति से हमारा संबंध हो। इस दृष्टि से देखे तो उक्त जीवन चरित किसी भी दृष्टि से मेरे साथ संबंध नहीं रखता। मैंने तो 'श्री एम' का प्रथम बार नाम इस किताब से ही जाना है। 
       यह पुस्तक केरल के एक युवक की आध्यात्मिक 'रंक से राजा' होने की कहानी है कि कैसे वह अपने पूर्ण समर्पण, सच्ची लगन और एकनिष्ठा के आधार पर एक ओजस्वी योगी 'श्री एम' के रूप में विकसित हुआ। सरल भाषा में श्री एम अपनी मनमोहक हिमालयी यात्राओं और उनसे वापसी के वृतांत, औपनिषदिक दर्शन के गहरे ज्ञान और व्यक्तिगत अनुभवजन्य गहन आध्यात्मिक अन्तर्दृष्टि को मधुरता से पाठकों के साथ बांटते हैं- उन्हें एक अनूठी और विचारोत्तेजक यात्रा का अवसर प्रदान करते हैं। (फ्लैप कवर से)