धरती का प्रथम मनुष्य और तिलिस्मी हवेली।
शैवाल- समुद्र का महायोद्धा - क्षमा कुमारी
हर सदी में एक बार, समुद्र के गर्भ से एक हवेली बाहर आती है, जिसे देखने वाला मंत्र-मुग्ध होकर उसके पीछे भागता है और डूब कर मर जाता है।
क्या ये कोई मरीचिका थी या सचमुच में ऐसी किसी समुद्री हवेली का अस्तित्व था?
क्या तन्मय उस जादुई हवेली से बच पाया या दूसरे लोगों की तरह उसकी भी बलि ले ली उस समुद्री हवेली ने? (किंडल से पुस्तक परिचय) हिंदी में फतांसी रचनाएँ बहुत कम है और जो है वह इस स्तर की नहीं है की उनको याद रखा जाये। इस क्षेत्र में Flydreams Publication द्वारा बहुत अच्छा प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकाशन द्वारा कुछ अच्छी फतांसी रचनाएँ समाने आयी हैं।
'शैलाव -समुद्र का महायोद्धा' नवोदित लेखिका क्षमा कुमारी की द्वितीय रचना है। यह रचना मनुष्य जाति के आरम्भ की कहानी है।
शैवाल- समुद्र का महायोद्धा - क्षमा कुमारी
हर सदी में एक बार, समुद्र के गर्भ से एक हवेली बाहर आती है, जिसे देखने वाला मंत्र-मुग्ध होकर उसके पीछे भागता है और डूब कर मर जाता है।
क्या ये कोई मरीचिका थी या सचमुच में ऐसी किसी समुद्री हवेली का अस्तित्व था?
क्या तन्मय उस जादुई हवेली से बच पाया या दूसरे लोगों की तरह उसकी भी बलि ले ली उस समुद्री हवेली ने? (किंडल से पुस्तक परिचय) हिंदी में फतांसी रचनाएँ बहुत कम है और जो है वह इस स्तर की नहीं है की उनको याद रखा जाये। इस क्षेत्र में Flydreams Publication द्वारा बहुत अच्छा प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकाशन द्वारा कुछ अच्छी फतांसी रचनाएँ समाने आयी हैं।
'शैलाव -समुद्र का महायोद्धा' नवोदित लेखिका क्षमा कुमारी की द्वितीय रचना है। यह रचना मनुष्य जाति के आरम्भ की कहानी है।