स्मैकिये लोगों की एक्शन कहानी
खेल खत्म- अर्जुन राठौर
वह एक फरार अपराधी था। शक्ल सूरत से सांवला, मासूम, निर्दोष लगने वाला अनिल गोस्वामी बेहद रहस्यमय, शातिर और श्याना था। बम्बई आकर स्मैकचियों की संगत में पड़कर डोप पैडलर बन गया और आखिरी बार वो ड्रग्स की बड़ी खेप लाया और माल का पता भी वह तरीके से नहीं बता पाया था कि कोई उसका बैंड बजा गया। और उस माल के पीछे कई जने पड़े हुए थे।
कभी-कभी इंसान के जीवन के ऐसा भी वक्त आता है जब वह अपने विचार, अपनी भावनाओं से परे होकर ऐसा खेल खेल जाता है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी । प्रस्तुत उपन्यास 'खेल खत्म' भी एक Ghost writer नाम जैसे असली लेखक की कलम से निकला एक्शन उपन्यास है।
यह कहानी है जिस इंसान की है उसके विषय में आप उपन्यास के प्रथम पृष्ठ से पढ सकते हैं।
वह लोकल ट्रेन से अंधेरी स्टेशन पर उतरा। वह थके, निढाल कदमों से चलता हुआ स्टेशन से बाहर निकला।
वह एक लम्बा, कसरती बदन का मालिक, गोरा-चिट्टा खूबसूरत शख्स था। उसकी शक्ल देखकर विनोद खन्ना की याद ताजा हो आती थी।








