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157. रूठी रानी- मुंशी प्रेमचंद

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मान रखे तो पीव तज, पीव रखे तज मान।--------------------मुंशी प्रेमचन्द उपन्यास साहित्य में 'उपन्यास सम्राट' माने जाते हैं। उनकी कहानियाँ और उपन्यास इतने सरल और रोचक होते हैं की सहज ही आकर्षित कर लेते हैं।
               सामान्य परिवेश की कहानी और रोचक भाषा शैली होने के कारण मन को छूने की क्षमता रखते हैं।
               'रूठी रानी' मुंशी प्रेमचंद जी का एक ऐतिहासिक उपन्यास है, जो पहले उर्दू में लिखा गया और फिर हिंदी में। इसका प्रकाशन वर्ष 1907 है।
                   यह कहानी है जैसलमेर के रावल लूणकरण की पुत्री उमादे की। उमादे का विवाह मारवाड़ के शक्तिशाली राव मालदेव के साथ होता है।  मालदेव एक पराक्रमी और शक्तिशाली राजा है, लेकिन उसके पराक्रम पर उसके ऐब हावी हैं। इसी ऐब के चलते, नशे की हालत में वे शादी के शुभ अवसर पर एक ऐसा कुकृत्य कर बैठते हैं जो एक राजा को शोभा नहीं देता।
                         प्रथम दिवस पर ही ऐसे कुकृत्य की खबर जब रानी उमादे को पता चलती है तो वह राव मालदेव से रूठ जाती है। स्वाभिमानिनी रानी उमादे एक बार ऐसी रूठी की वह ताउम्र राजा से नाराज ही रही। इस…

156. यमराज का नोटिस- विमल मित्र

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तीन रोचक कहानियाँ
 विमल मित्र जी का एक छोटा सा कहानी संग्रह यमराज का नोटिस मेरे विद्यालय के पुस्तकालय में उपलब्ध था।‌ खाली समय था,  जिसका सदुपयोग पढने में किया।
    इस कहानी संग्रह में विमल मित्र जी की तीन बांगला भाषा की कहानियों का हिंदी अनुवाद है। तीनों कहानियाँ रोचक, बहुत रोचक हैं। कहानियाँ का आकार मध्यम है इसलिए पढने में ज्यादा समय नहीं लगा।
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        इस संग्रह में शामिल कहानियाँ है।
       1.  यमराज का नोटिस (यमराजेर नोटिस)
       2. चुहिया सुंदरी           (ईदुरेर स्त्रीर कथा)
       3. सबसे ताकतवर कौन (सब थेके शक्तिमान के?)प्रथम कहानी यमराज का नोटिस एक अच्छी और भावुक कहानी कही जा सकती है। भावुकता के साथ साथ इसमें हास्य का पुट है। यह हास्य कहानी में भावुकता को हावी नहीं होने देता।
       लेखन ने लेखन शैली में भी रोचकता कायम रखी है। बड़े बाजार से भवानी पुर। भवानी पुर से बालीगंज। बालीगंज से बेहला। इस बेहला के भूमिपति बाबू के मकान पर आते ही केष्ठो बाबू बिलकुल आटे की तरह अटक गये। (पृष्ठ-3)
      यह कहानी भी केष्ठो और भूमिपति बाबू पर आधारित है।  जब यमराज का नोटिस आता है तो …

155. एक खून और- सुरेन्द्र मोहन पाठक

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खून और खून और खून।
एक खून और - सुरेन्द्र मोहन पाठक, रोचक मर्डर मिस्ट्री, पठनीय।
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      कुछ कहानियाँ इतनी रोचक होती हैं की वे प्रथम पृष्ठ से ही पाठक को प्रभावित कर लेती हैं। यह रोचकता जब आदि से अंत तक बनी रहे तो पाठक एक बैठक में ही पुस्तक को पढ जाना चाहता है।
        प्रस्तुत उपन्यास 'एक खून और' भी इतनी ही रोचक और दिलचस्प उपन्यास है।            माला और सरिता अपने करोड़पति अंकल की संपत्ति की वारिस थी। अंकल की मौत के बाद दोनों के हिस्से में तीन-तीन करोड़ संपत्ति आती।
      करोड़पति माला जायसवाल से स्थानीय समाचार पत्र का खोजी पत्रकार सुनील चक्रवर्ती इंटरव्यू लेने पहुंचा।
  "....मैं तो यहाँ अपने अखबार के लिए आपका इंटरव्यू लेने आया था।"
      "अखबार! इंटरव्यू! तुम क्या चीज हो।"
      .......
      और सुनील ने अपना  विजिटिंग कार्ड निकाल कर उसकी और बढाया।"
      माया जायसवाल ने कार्ड लिया, उस पर एक सरसरी निगाह डाली और कार्ड को मेज पर उछाल दिया।
      .....
      "अभी मुझे वक्त नहीं है।  फिर आना।"
      "फिर कब?"
      "आधी रात को…

154. The जिंदगी- अंकुर मिश्रा

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जिंदगी के विविध रंगों की कथा...
The जिंदगी- अंकुर मिश्रा कहानी संग्रह, रोचक, पठनीय। ----------           कहानी सुनना या सुनाना मनुष्य का आदिकाल से मनोरंजन का साधन रहा है। कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो मानव मन के हृदयतल को छू जाती हैं। कहानियाँ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप मनुष्य जीवन से संबंध रखती हैं। मनुष्य जीवन में हमेशा विविधता रही है, कभी सुख, कभी दुख तो कभी समभाव। जिंदगी के कई रंग होते हैं,‌ जिंदगी के इन रंगों से मिलकर बनी है अंकुर मिश्रा जी की किताब 'The जिंदगी। जैसे मनुष्य की जिंदगी में विविधता है, ठीक वैसे ही इस कहानी संग्रह की कहानियोों में विविधता मिलेगी। पहला रंग कहानी संग्रह के शीर्षक में ही देखा जा सकता है- The जिंदगी। 
             कहानी संग्रह को दो भाग में विभक्त किया गया है। प्रथम भाग 'किस्से-कहानियाँ' जिसमें छह कहानियाँ है। द्वितीय भाग 'लघुकथाएं' जिसमें दस लघुकथाएं शामिल की गयी हैं। लेकिन साथ में एक और प्रयोग भी शामिल है वह है प्रत्येक कहानी से पूर्व एक कविता। छह कहानियाँ है और सभी से पूर्व एक-एक कविता है जो कहानी के भाव को स्पष्ट करने की क्…

153. लव जिहाद-राम पुजारी

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जिहाद से लव की ओर...
लव जिहाद...एक चिड़िया- राम पुजारी,सामाजिक उपन्यास, रोचक, पठनीय।
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लव जिहाद...एक चिड़िया उपन्यास मूलत एक प्रेम कथा है,वह प्रेम कथा जो समाज, धर्म, राजनीति के कई पहलुओं को उजागर करती है।
           उपन्यास प्रेम को आधार बना कर लिखा गया है। एक हिंदू लड़की और एक मुस्लिम लड़के की प्रेम कथा है। दोनों काॅलेज में मिलते हैं, साहिल का काॅलेज में यह अंतिम साल था और सोनिया का ये पहला साल था। (पृष्ठ-03) फिर धीरे-धीरे दोनों में प्रेम प‌नपता है।  बहरहाल दोनों- साहिल और सोनिया, एक ही कश्ती में सवार थे- प्रेम की कश्ती। (पृष्ठ-35)
        कवि बोधा ने कहा है। -"यह प्रेम को पंथ कराल महां, तरवारि की धार पर धावनो है।"
        यह प्रेम का रास्ता बहुत विकट है, यह तो तलवार की धार पर चलने जैसा है और प्रेमी फिर भी चलते हैं। साहिल और सोनिया भी इस राह पर चलते हैं।
   दोनों ही आने वाले भविष्य से बेखबर, ख्वाबों की दुनियां में प्रेम की उड़ान भर रहे थे। (पृष्ठ-35)। लेकिन यह उड़ान सोनिया के परिवार को रास नहीं आयी।  सोनिया के परिवार को रास नहीं आयी लेकि‌न साहिल का …

152. स्वामी विवेकानंद- अपूर्वानंद

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स्वामी विवेकानंद-संक्षिप्त जीवनी तथा उपदेश
- स्वामी अपूर्वानंद
स्वामी विवेकानंद जी युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। इनके जन्म दिवस (12 जनवरी) को 'युवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है। कम उम्र में स्वामी‌ जी ने जो मार्ग/उपदेश विश्व को दिया वह अतुलनीय है।       प्रस्तुत पुस्तक स्वामी जी सम्पूर्ण जीवन की एक छोटी सी झलक प्रस्तुत करती है। उनके जीवन का आदि -अंत इस पुस्तक में वर्णित है। स्वामी जी के जीवन को पढना बहुत रोचक और प्रेरणादायक है। उनके जीवन के संघर्ष मनुष्य को बहुत कुछ सिखाते हैं।       उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस ने तो वह विवेकानंद जी के बारे में कहा था,-"नरेन्द्र मानो सहस्रकमल है। इतने सारे लोग यहाँ आते हैं, किंतु नरेन्द्र जैसा दूसरा कोई भी नहीं आया।"
          गुरु रामकृष्ण परमहंस ने विवेकानंद (नरेंद्र) की दैवीय प्रतिभा को सबसे पहले पहचान‌ लिया था। उन्हीं के ही मार्गदर्शन में स्वामी जी आगे बढे और आगे 'स्वामी विवेकानंद  रामकृष्ण की वाणी के मूर्तरूप थे।(पृष्ठ-03)
          प्रस्तुत पुस्तक में स्वामी जी के जीवन का काफी रोचक वर्णन मिलता है।  नरेन्द्र के अंतर में जो विर…

151. सिंगला मर्डर केस- सुरेन्द्र मोहन पाठक

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सिंगला मर्डर केस- सुरेन्द्र मोहन पाठक, मर्डर मिस्ट्री, मध्यम स्तर।

     - हिमेश सिंगला एक पचास वर्ष का गंजा व्यक्ति था जो विग लगाकर अपना बचाव करता था।
      - हिमेश सिंगला मामूली शक्ल- सूरत वाला व्यक्ति था लेकिन औरतों का रसिया था।
    - हिमेश सिंगला एक लम्पट प्रवृत्ति वाला व्यक्ति था जो एक रात अपने घर के ड्राइंगरूम में मरा पड़ा था।

      हिमेश सिंगला की अस्वाभाविक मौत या हत्या के शक के दायरे में कई लोग आते हैं।
          हिमेश सिंगला का एक भाई है शैलेष सिंगला जिसके बुलावे पर ब्लास्ट समाचार पत्र के रिपाॅर्टर सुनील चक्रवर्ती का इस केस में हस्तक्षेप होता है। सुनील ही वह व्यक्ति है जो असली कातिल तक पहुंचता है।


    -  एक बड़े सम्पन्न परिवार का रोशन चिराग बताया जाता है। यानि कि फाईनांशल फैमिली बैकग्राउंड तो बढ़िया है ही, ऊपर से ब्रोकेज का उसका अपना बिजनेस भी ऐन फिट है। कैसानोवा जैसी छवि का आदमी था और सोसायटी के लिहाज से पेज थ्री पर्सनैलिटी माना जाता था। (पृष्ठ-16)
 और एक दिन इसी पर्सनैलिटी की कोई हत्या कर देता है।
वो एक सॊफाचेयर बैठा हुआ था जबकि किसी ने उसका भेजा उड़ा दिया था। (पृष्ठ-17)
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