एक वकील जब फंसा कत्ल केस में
मृगनयनी- जेठा लाल सोमैया
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में हिंदी भाषी क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य किसी राज्य का नाम लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में आता है तो वह है गुजरात। एक समय था जब गुजरात से 'गाइड' जैसी प्रसिद्ध पत्रिका का प्रकाशन होता था। वहीं सूरत से 'साहित्य संगम' नामक प्रकाशन से भी जासूसी उपन्यास प्रकाशित होते रहे हैं।
साहित्य संगम से जेठालाल सोमैया नामक लेखक की जानकारी मिलती है, जिन्होंने 'लाट साहब' नाम से भी उपन्यास लिखे हैं। इनका प्रसिद्ध नायक एडवोकेट संदीप सेन है।
जेठालाल सोमैया द्वारा रचित 'मृगनयनी' उपन्यास इन दिनों पढा, यह एक रोचक और तीव्रगति का मर्डर मिस्ट्री उपन्यास है।
धंधे में तेजी की तरह मंदी के दिन भी आते हैं। पुरजोश में चलते व्यवसायों में भी कभी-कभी मंदी की बयार बहने लगती है। तेजी-मंदी का यह नियम कमोबेश लगभग सभी व्यवसाय को लागू होता है।
जब हर धंधे में मंदी आती है तो मुम्बई जैसा शहर भी इस मंदी से नहीं बच सकता और इस मुंबई शहर का प्रसिद्ध वकील संदीप सेन भी मंदी से नहीं बच सका।
एडवोकेट सन्दीप सेन की भी इन दिनों यही हालत थी । थोड़े से मामूली केसों के अलावा कोई खास काम उनके पास नहीं था। रीटा कदम उनकी नौजवान और चंचल सेक्रेटरी भी आफिस में ज्यादा काम न होने के सबब से महीने भर की छुट्टी गई थी। और सेन साहब खुद भी शाम का समय गुजारने के लिए रेडियो क्लब में पहुँचने लगे थे।
