कहानी नकली दवाइयों की
ट्रेन एक्सीडेंट- कर्नल रंजीत- 1983
इन दिनों मैं कर्नल रंजीत के उपन्यास ही पढ रहा हूँ। संगरिया (हनुमानगढ़, राजस्थान) निवासी मित्र श्री रतन चौधरी जी से कर्नल रंजीत के 15 उपन्यास लेकर आया था वर अब उन्हीं को पढने का क्रम जारी है।
और इस क्रम में मेरा यह छठा उपन्यास है। इस से पूर्व में 'पीले बिच्छू, प्रेतात्मा की डायरी, उलटी लाशें, नकली चेहरे और जापानी पंखा' पढ चुका हूँ।
अद्भुत कथाओं के लेखक कर्नल रंजीत का एक और रोमांच से भरपूर उपन्यास 'ट्रेन एक्सीडेंट' पढा। यह उपन्यास उनकी विशिष्ट शैली में लिखा गया है। जिसनें रहस्यमयी पात्र और उलझाव से भरपूर कहानी का आनंद मिलेगा ।
हिन्दी जासूसरी उपन्यासों के क्षेत्र में रिकार्ड कायम करने वाले कर्नल रंजीत का एक जबर्दस्त सनसनी खेज उपन्यास - ट्रेन एक्सीडेंट
इस उपन्यास में आप पढ़ेंगे -
- अपनी खुशबू से बेहोशी की नींद सुलाने वाली सुन्दरी के अद्भुत कारनामे
- गेरूए वस्त्र धारण किये साधु- बालकों का हत्याकांड
- कृष्ण की मूर्ति द्वारा जबर्दस्त बम विस्फोट
- मेजर बलवंत के घर में जबर्दस्त अग्निकांड
- वैज्ञानिकों की जीभ का काटा जाना और उनके कानों के पर्दों का फाड़ दिया जाना
हैरानी से भरे हथकंडों की सस्पेंस भरी रोमांचक कहानी -ट्रेन एक्सीडेंट
अद्भुत कथाओं के लेखक कर्नल रंजीत का एक और रोमांच से भरपूर उपन्यास 'ट्रेन एक्सीडेंट' पढा। यह उपन्यास उनकी विशिष्ट शैली में लिखा गया है। जिसनें रहस्यमयी पात्र और उलझाव से भरपूर कहानी का आनंद मिलेगा ।
हिन्दी जासूसरी उपन्यासों के क्षेत्र में रिकार्ड कायम करने वाले कर्नल रंजीत का एक जबर्दस्त सनसनी खेज उपन्यास - ट्रेन एक्सीडेंट
इस उपन्यास में आप पढ़ेंगे -
- अपनी खुशबू से बेहोशी की नींद सुलाने वाली सुन्दरी के अद्भुत कारनामे
- गेरूए वस्त्र धारण किये साधु- बालकों का हत्याकांड
- कृष्ण की मूर्ति द्वारा जबर्दस्त बम विस्फोट
- मेजर बलवंत के घर में जबर्दस्त अग्निकांड
- वैज्ञानिकों की जीभ का काटा जाना और उनके कानों के पर्दों का फाड़ दिया जाना
हैरानी से भरे हथकंडों की सस्पेंस भरी रोमांचक कहानी -ट्रेन एक्सीडेंट
