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Thursday, 31 December 2020

410. स्पर्श - राजवंश

एक मासूम लड़की की दर्द कहानी
स्पर्श - राजवंश
दीपा ने मुड़कर देखा, पहाड़ी के पीछे से चाँद निकल आया था। अँधकार अब उतना न था। नागिन की तरह बलखाती पगडण्डी अब साफ नजर आती थी। उजाले के कारण मन की घबराहट कुछ कम हुयी और उसके पाँव तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढने लगे। 
    लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में राजवंश एक चर्चित नाम रहा है। राजवंश का मूल नाम आरिफ माहरवी था। वे राजवंश नाम से सामाजिक उपन्यास लेखन करते थे। 
प्रस्तुत उपन्यास 'स्पर्श' राजवंश जी की कृति है। यह कहानी है एक लड़की दीपा की, जो परिस्थितियों से संघर्ष करती हुयी जीवन व्यतीत करती है। एक लड़की के जीवन संघर्ष की यह मार्मिक दास्तान है। 

Sunday, 27 December 2020

406. रंगरलियां- राजवंश

 कहानी मूर्ति चोर गिरोह की

रंगरलिया- राजवंश

लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में सामाजिक उपन्यास लेखक की धाराएं एक नाम काफी चर्चित रहा और वह नाम है 'राजवंश'।   
मैंने इन दिनों राजवंश के दो उपन्यास पढे। एक 'सपनों‌ की दीवार' और दूसरा 'रंगरलियां'।
यहाँ हम 'रंगरलियां' उपन्यास के कथानक पर चर्चा करते हैं।
         उपन्यास की कहानी अशोक नामक एक शिक्षित, एथलेटिक्स और बेरोजगार युवक पर केन्द्रित है। जो मजबूरी में एक मूर्तिचोर गिरोह के संपर्क में आ जाता है और वहाँ आने पर उसे पता चलता है कि इसी गिरोह ने उसके भाई की जान ली थी।
   अपने भाई की हत्या का बदला लेने की चाह में अशोक की माँ और बहन की जान भी दांव पर लग जाती है।
  तब अशोक  महारानी जी के संपर्क में आता है। महारानी की एक कीमती मूर्ति चोरी हो गयी थी, जो कभी अशोक ने गिरोह में काम करते वक्त चोरी की थी। 
अशोक के भाई की हत्या क्यों हुयी?
- अशोक का भाई चोर क्यों बना?
- मूर्ति चोर गिरोहकार कौन था?
- अशोक ने मूर्ति क्यों चोरी की?
महारानी और अशोक परस्पर मिले तो क्या परिणाम आया?
- क्या अशोक अपने भाई की हत्या का बदला ले पाया?
- गिरोह अशोक को क्यों मारना चाहता था?
इन प्रश्नों के उत्तर राजवंश जी द्वारा रचित एक छोटे से उपन्यास 'रंगरलियां' में मिलेंगे। 

405. सपनों की दीवार- राजवंश

बच्चे के दुश्मन

सपनों‌ की दीवार- राजवंश

चारों ने एक दूसरी की ओर देखा। फिर कलाई की घड़ियां देखी। फिर निगाहें गेट की ओर उठ गई। उन निगाहों में एक बैचेनी थी। लेकिन फिर चारों‌ नजरें निराश होकर गेट की ओर लौट आई।
राजेश अभी तक नहीं आया था। (प्रथम पृष्ठ)

उक्त दृश्य सामाजिक उपन्यासकार राजवंश द्वारा लिखे गये उपन्यास सपनों की दीवार का है। 

सपनों की दीवार- राजवंश
   मनुष्य अपने जीवन में बहुत से सपने देखता है और उन सपनों को वास्तविकता में बदलना भी चाहता है। कुछ लोग सपनों को वास्तविकता में बदलने के लिए सही रास्ता चुनते हैं और कुछ गलत रास्ता। यह कहानी उन लोगों की है जो अपने सपनों को सच करने के लिए गलत रास्ते पर चलते हैं।