कत्ल की रोचक कहानी
तथास्तु- शगुन शर्मा
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में वेदप्रकाश शर्मा जी एक सशक्त हस्ताक्षर रहे हैं। उनके उपन्यासों की संख्या चाहे कम हो पर उनके पाठकों की संख्या विशाल है। और इस विशाल पाठक वर्ग को वेद जी जैसे लेखक की तलाश रहती है। जब वेदप्रकाश शर्मा जी के पुत्र शगुन शर्मा का नाम उपन्यासकार के रूप में सामने आया और उनके आरम्भ के उपन्यास पढे तो बहुत रोचक लगे।
एक लम्बे समय पश्चात शगुन शर्मा जी का उपन्यास 'तथास्तु' पढा। उपन्यास 'तथास्तु' एक थ्रिलर मर्डर मिस्ट्री है। जो रहस्य और रोमांच का मिश्रण लिये हुये है। उपन्यास का आरम्भ पाठक जो वेदप्रकाश शर्मा जी के लेखन की याद दिलाता है।
उपन्यास का आरम्भ प्लेबैक सिंगर रागिनी माधवन से होता है। रागिनी का पूरा नाम रागिनी माधवन था। वह यौवनावस्था के नाजुक दौर को पहुंची किसी ताजा खिले गुलाब सी सुंदर युवती थी। उसकी आवाज में जैसे जादू और आँखों में हद दर्जे का आकर्षण था। बला के हसीन चेहरे पर शैशव का अल्हड़पन तथा गजब का आत्मविश्वास था।
तथास्तु- शगुन शर्मा
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में वेदप्रकाश शर्मा जी एक सशक्त हस्ताक्षर रहे हैं। उनके उपन्यासों की संख्या चाहे कम हो पर उनके पाठकों की संख्या विशाल है। और इस विशाल पाठक वर्ग को वेद जी जैसे लेखक की तलाश रहती है। जब वेदप्रकाश शर्मा जी के पुत्र शगुन शर्मा का नाम उपन्यासकार के रूप में सामने आया और उनके आरम्भ के उपन्यास पढे तो बहुत रोचक लगे।
एक लम्बे समय पश्चात शगुन शर्मा जी का उपन्यास 'तथास्तु' पढा। उपन्यास 'तथास्तु' एक थ्रिलर मर्डर मिस्ट्री है। जो रहस्य और रोमांच का मिश्रण लिये हुये है। उपन्यास का आरम्भ पाठक जो वेदप्रकाश शर्मा जी के लेखन की याद दिलाता है।
उपन्यास का आरम्भ प्लेबैक सिंगर रागिनी माधवन से होता है। रागिनी का पूरा नाम रागिनी माधवन था। वह यौवनावस्था के नाजुक दौर को पहुंची किसी ताजा खिले गुलाब सी सुंदर युवती थी। उसकी आवाज में जैसे जादू और आँखों में हद दर्जे का आकर्षण था। बला के हसीन चेहरे पर शैशव का अल्हड़पन तथा गजब का आत्मविश्वास था।
