आखिर कौन था गद्दार
गद्दार- वेदप्रकाश कांबोज
विजय-अलफांसे सीरीज
सूरीमा हिन्द महासागर में एक छोटा सा देश है, जिसमें कुछ छोटे-बड़े टापू शामिल थे। सिंगापुर की तरह देश का नाम भी सूरीमा था और उसकी राजधानी का नाम भी सूरीमा था। देश में राजतंत्र था और उसके शासक का नाम सुलेमान था। देश की आबादी मुसलमान थी। थोड़े बहुत हिंदू थे और थोड़े से क्रिश्चन भी थे।
सूरीमा में राजतत्र है और यहाँ के शासक हैं शाह सुलेमान। सुलेमान को लगता है की उसका कोई साथी गद्दार है जो उसकी जान का दुश्मन है। और अपनी सुरक्षा के लिए सुलेमान भारत से जासूस विजय जो अपनी सुरक्षा के लिए बुलाता है।
- वह गद्दार कौन था?
- शाह सुलेमान की जान क्यों लेना चाहता था?
- क्या विजय इस अभियान में सफल रहा?
अगर आप वेदप्रकाश काम्बोज जी के 'विजय-अलफांसे' सीरीज के उपन्यास पसंद करते हैं तो यह उपन्यास पढें और जाने एक गद्दार की सत्यता को।