पंजाब और 1984 का आतंकवाद
ब्लू स्टार- प्रवीण झा
धर्म और योद्धाओं के राज्य पंजाब की भारतीय इतिहास में एक विशिष्ट पहचान है। सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि साधन सम्पन्नता और व्यापारिक दृष्टि से भी पंजाब अग्रणी राज्य है।
लेकिन एक ऐसा भी समय आया जब हँसते-खेलते पंजाब को मानों किसी की नजर लग गयी हो। जिंदा पंजाबी लोग आतंक के साये में सहमें-सहमें से रहने लगे। सूर्य अस्त और पंजाबी मस्त वाली कहावत का अर्थ ही बदल गया। अब तो सूर्य अस्त होते ही लोग अपने घरों में सहमें से दुबक जाते थे।
इस का सिर्फ एक ही कारण था - कथित संत जरनैल सिंह भिण्डरावाला।
ब्लू स्टार- प्रवीण झा
धर्म और योद्धाओं के राज्य पंजाब की भारतीय इतिहास में एक विशिष्ट पहचान है। सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि साधन सम्पन्नता और व्यापारिक दृष्टि से भी पंजाब अग्रणी राज्य है।
लेकिन एक ऐसा भी समय आया जब हँसते-खेलते पंजाब को मानों किसी की नजर लग गयी हो। जिंदा पंजाबी लोग आतंक के साये में सहमें-सहमें से रहने लगे। सूर्य अस्त और पंजाबी मस्त वाली कहावत का अर्थ ही बदल गया। अब तो सूर्य अस्त होते ही लोग अपने घरों में सहमें से दुबक जाते थे।
इस का सिर्फ एक ही कारण था - कथित संत जरनैल सिंह भिण्डरावाला।
- संत भिंडरावाले को कांग्रेस का बनाया भस्मासुर कहा जाता रहा है।
- कांग्रेस की मीडिया टीम ने भिंडरावाले को सिखों का नायक बना दिया।
प्रवीण झा तथ्यों के साथ लेखन के लिए जाने जाते हैं। इनकी रचनाएँ चाहे आकार में छोटी होती हैं पर जानकारी से परिपूर्ण होती है। ऐसी ही रचना है 'ब्लू स्टार' जो 1984 में पंजाब फैले आतंकवाद - राजनीति को अनावरण करती है। लेकिन किसी एक पक्ष का आंकलन न कर मात्र तथ्यों को सामने रखता है।अब बात करते हैं पुस्तक 'ब्लू स्टार' की। यह रचना तात्कालिक घटनाक्रम को तथ्यों के साथ प्रस्तुत करती है।
सन् 70 के दशक में केन्द्र में कांग्रेस का शासन था।श्रीमती इन्द्रा गाँधी प्रधानमंत्री थी। वहीं पंजाब में अकाली दल का प्रभाव था। अकाली दल पर तीन लोगों का वर्चस्व था— मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, संत हरचंद सिंह लोंगोवाल और गुरचरण सिंह तोहरा। लेकिन, इन्हें तोड़ना कठिन था। ज्ञानी जैल सिंह और संजय गांधी ने योजना बनायी कि एक नया सिख नेता खड़ा करना होगा, जो इन तीनों पर भारी पड़े।



