Showing posts with label रीमा भारती सीरीज. Show all posts
Showing posts with label रीमा भारती सीरीज. Show all posts

Sunday, 30 March 2025

638. लहू से लिख दो जय हिंद- रीमा भारती

बच्चे के दुश्मन कौन थे ?
लहू से लिख दो जयहिंद- रीमा भारती

उस युवती का रंग गोरा था।
खूब गोरा-किन्तु हल्की-सी सुर्खी लिए हुए।
ऐसा लगता था जैसे ताजे मक्खन भरे थाल के निकट से कोई होली खेलने के मूड में आया शैतान बच्चा गुलाल उड़ाता हुआ गुजर गया हो।
युवती की उम्र अधिक से अधिक चौबीस साल की थी। किन्तु उसके चेहरे की मासूमियत व बदन की कामनीयता उसे बीस वर्ष की दर्शा रही थी।
युवती की आंखें वीरान थीं इनमें सोचों के साये थे। उसकी आंखें उस चार वर्षीय गोल मटोल बच्चे को घूर रही थीं जो कि एक बड़ी-सी रंगीन बॉल के पीछे यूं दौड़ रहा था जैसे अब गिरा तब गिरा।
वह बॉल के निकट पहुंचता और झुककर बॉल पकड़ना चाहता। किन्तु बॉल उसके पांव की ठोकर पहले ही खा जाती और दूर चली जाती।
मनोहारी डूबी हुई थी। दृश्य था। केवल वही उस मनोहारी दृश्य में नहीं बल्कि रीमा भी एक बेंच पर बैठी दिलचस्पी से उस दृश्य को देख रही थी।

रीमा !
भारत की सर्वश्रेष्ठ किन्तु गुप्त जासूसी संस्था आई०एस०सी० की नम्बर वन एजेंट जो कि इन दिनों फ्री होने के कारण तफरीह के मूड में थी तथा अपने एक मित्र की प्रतीक्षा कर रही थी।


आज हम बात कर रहे हैं एक्शन उपन्यास लेखिका रीमा भारती जी के उपन्यास 'लहू से लिख दो जय हिंद' । प्रसिद्ध उपन्यासकार दिनेश ठाकुर (प्रदीप कुमार शर्मा) ने एक एक्शन गर्ल पात्र की रचना की थी, जिसना नाम था रीमा भारती। और बाद में इन्हीं दिनेश ठाकुर जी के ग्रुप से रीमा भारती नाम से एक लेखिका का पदार्पण होता है और उसके उपन्यासों की नायिका भी रीमा भारती होती है।
यहां आज हम लेखिका रीमा भारती जी के रवि पॉकेट बुक्स से प्रकाशित उपन्यास 'लहू से लिख दो जय हिंद' की बात कर रहे हैं।

Thursday, 8 December 2022

548. साढे सात करोड़- रीमा भारती

रीमा भारती, डकैती और आतंकवाद

साढे सात करोड़- रीमा भारती

रीमा भारती हिंदी उपन्यास साहित्य में  एक चर्चित नाम रहा है। दिनेश ठाकुर की‌ कलम निकली रीमा भारती को आधार बना कर बहुत से लेखकों ने लिखा। रीमा भारती नाम से एक लेखिका भी मैदान में आयी। जानकारी अनुसार लेखिका रीमा भारती के उपन्यासों पर जो लेखिका की तस्वीर थी वह दिनेश ठाकुर की पत्नी है।
  लेखिका रीमा भारती द्वारा रचित रीमा भारती सीरीज का उपन्यास 'साढे सात करोड़' पढा। यह एक रोचक उपन्यास है।
   उपन्यास प्रथम पुरुष में लिखा गया है सूत्रधार है रीमा भारती।

साढे सात करोड़- रीमा भारती

मै...!
आपकी चिर-परिचित दोस्त रीमा ... रीमा भारती । आपकी चहेती जासुसी संस्था आई.एस. सी. की नम्बर वन एजेन्ट । दुश्मनों और गद्दारों के लिये साक्षात मौत और आपके सपनों की रानी । मां भारती की शरारती, अल्हड़, किन्तु लाड़ली बेटी।

रीमा के पास सेठ त्रिभुवन दास आता है अपनी एक फरियाद लेकर।

"नमस्ते!"-  एकाएक वह भारी भरकम स्वर में बोल उठा। "कहिये!” - मैंने उसके अभिवादन का जवाब देने के बाद उससे पूछा।

"मेरा नाम त्रिभुवनदास पारिख है। मैं इसी महानगर का रहने वाला हूँ। चेम्बूर में मेरा अपना निवास है।" वह अपना परिचय देने के बाद बोला-“कुछ अपराधी किस्म के लोगों ने मेरे बेटे को हत्या के जुर्म में फँसा दिया है। जबकि उस बेचारे का उस शख्स की हत्या से कोई वास्ता नहीं था।” वह बोला- “उस पर हत्या का मुकदमा चला और तमाम सबूत उसके खिलाफ थे। कानून ने उसे फांसी की सजा सुना दी। इस महीने की तीस तारीख को मेरे बेटे को फांसी होने वाली है। भगवान के लिये मेरे बेटे को फांसी की से बचा लीजिये, वरना मैं तबाह हो जाऊंगा। जीते जी मर जाऊंगा। प्लीज भगवाने के लिये मेरे मदद कीजिये।”

Wednesday, 7 December 2022

547. काला नाग- रीमा भारती

रीमा भारती और नीना जोजफ का कारनामा

काला नाग- रीमा भारती

हिंदी जासूसी कथा साहित्य में लेखिका रीमा भारती का नाम एक्शन- थ्रिलर लेखिका के रूप में लिया जाता है। इनके लिखे एक्शन- थ्रिलर उपन्यास एक समय बहुत चर्चित थे। मूल रूप से दिनेश ठाकुर द्वारा सृजित किरदार रीमा भारती को आधार बनाकर उपन्यास लिखे गये हैं। 



    लेखिका रीमा भारती द्वारा रीमा भारती सीरीज का उपन्यास 'काला नाग' पढा। यह एक रोमांच से परिपूर्ण एक्शन उपन्यास है। जिसके कहानी आतंकवाद से संबंधित है।

      रीमा भारती 
    माँ भारती की उददंड, शरारती और लाडली बेटी थी वो। कोई उसके देश की ओर बुरी दृष्टि से देखे - अथवा उसके वतन को तबाह करने की योजना बनाये- इसे वो कतई बर्दाश्त नहीं कर सकती थी।

    माँ भारती की उददंड, शरारती और लाडली बेटी थी वो। कोई उसके देश की ओर बुरी दृष्टि से देखे - अथवा उसके वतन को तबाह करने की योजना बनाये- इसे वो कतई बर्दाश्त नहीं कर सकती थी।
       रीमा भारती भारतीय गुप्तचर विभाग की जासूस है। जिसे एक दिन भारतीय गुप्तचर विभाग का चीफ खुराना बताता है-
    "खूफिया सूत्रों से पता चला है कि कुछ आतंकवादी संगठन अब एकजुट होकर रासायनिक हथियारों के निर्माण की योजना बना रहे हैं।"