Sunday, 23 August 2026

वन वे स्ट्रीट- सुरेन्द्र मोहन‌‌ पाठक

नशे के व्यापारी और मौत का खेल
वन वे स्ट्रीट- सुरेन्द्र मोहन‌‌ पाठक
सुधीर कोहली सीरीज

हर कोई जानता था कि वो एक ऐसा रास्ता था जिसके सिरे पर निश्चित मौत खड़ी थी, फिर भी शहर में ऐसे लोगों की कमी नहीं थी जो निश्चित मौत से खौफजदा होने की जगह उस एक तरफा रास्ते पर खुशी-खुशी कदम रखते थे।
ऐसे ही दीवानों की वजह से उन लोगों का व्यापार चलता था जो कि नारकॉटिक्स ट्रेड का कन्ट्रोल हासिल करने के लिये एक दूसरे के खून के प्यासे थे। 

नमस्ते पाठक मित्रो,
एक बार फिर हम उपस्थित हैं सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के उपन्यास 'वन वे स्ट्रीट' के साथ । यह कहानी है नशे के उस रास्ते की जहां आदमी एक बार चला गया फिर वापस नहीं लौट सकता, इसलिए तो उसे कहा जाता है- One way street.

यह उपन्यास मैंने 26.05.2002, 27.06.2003 में पढा और अब एक लम्बे समय पश्चात पुनः उपन्यास को अगस्त 2026 में पढा। 
उपन्यास समीक्षा से पहले हम उपन्यास के प्रथम पृष्ठ पर एक नजर डाल लेते हैं।