नियति की तलाश में एक युवा....
Philosophers stone- प्रेम एस. गुर्जर, उपन्यास
फिलॉसॉफर्स स्टोन- प्रेम एस. गुर्जर
जब Philosophers stone उपन्यास देखा तो इसका शीर्षक मुझे बहुत आकर्षित लगा। इस उपन्यास को पढने का एक कारण तो इसका शीर्षक था और द्वितीय कारण लेखक का राजस्थान निवासी होना। इन्हीं दो कारणों से यह उपन्यास पढ लिया गया।
यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो अपने सपने को पूर्ण करने के लिए घर से निकला और वह संघर्षों को पार करता हुआ अपनी नियति के सहारे अपने स्वप्न को पूरा करता है।
वह खुश था कि एक चरवाहे का जीवन छोड़कर अपनी नियति की खोज में चल पड़ा।
-क्या थी उस लड़के की नियति?
- क्या उस लड़के का सपना?
- क्या वह अपने अपने को पूर्ण कर पाया?
इन सब जिज्ञासाओं का समाधान तो इस उपन्यास से ही होगा।
Philosophers stone- प्रेम एस. गुर्जर, उपन्यास
फिलॉसॉफर्स स्टोन- प्रेम एस. गुर्जर
जब Philosophers stone उपन्यास देखा तो इसका शीर्षक मुझे बहुत आकर्षित लगा। इस उपन्यास को पढने का एक कारण तो इसका शीर्षक था और द्वितीय कारण लेखक का राजस्थान निवासी होना। इन्हीं दो कारणों से यह उपन्यास पढ लिया गया।
यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो अपने सपने को पूर्ण करने के लिए घर से निकला और वह संघर्षों को पार करता हुआ अपनी नियति के सहारे अपने स्वप्न को पूरा करता है।
वह खुश था कि एक चरवाहे का जीवन छोड़कर अपनी नियति की खोज में चल पड़ा।
-क्या थी उस लड़के की नियति?
- क्या उस लड़के का सपना?
- क्या वह अपने अपने को पूर्ण कर पाया?
इन सब जिज्ञासाओं का समाधान तो इस उपन्यास से ही होगा।
