क्राइम किंग और रीमा भारती की टक्कर
लहू का पुजारी - दिनेश ठाकुर
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में दिनेश ठाकुर और रीमा भारती दो सर्वाधिक चर्चित नाम रहे हैं। दिनेश ठाकुर की कलम ने उपन्यास साहित्य की धारा को एक अलग ही दिशा प्रदान कर दी थी। जहाँ कहानी के नाम पर एक्शन और इरोटिक साहित्य ही पाठकों को दिया जाता था। एक समय था जब रीमा भारती की डिमांड खूब थी।
समय बदला, मनोरंजन के साधन बदले और लोकप्रिय साहित्य लोगों की दृष्टि से गायब हो गया। उस समय के उपन्यासों में से एक उपन्यास है 'लहू का पुजारी' और लेखक हैं -दिनेश ठाकुर।
रीमा भारती के उपन्यास 'प्रथम पुरूष' में लिखे जाते रहे हैं। रीमा भारती अपने मिशन की जानकारी स्वयं के माध्यम से प्रस्तुत करती है। हालांकि प्रथम पुरुष में लिखे उपन्यासों में जो कुछ भी कहा जायेगा एक व्यक्ति के माध्यम से कहा जायेगा इसलिए बहुत कुछ कहना छूट जाता है। अब बात करते हैं उपन्यास की....
मैं रीमा....
रीमा भारती आई.एस. सी. अर्थात् इण्डियन सीक्रेट कोर नामक भारत की सबसे महत्वपूर्ण जासूसी संस्था की नम्बर वन एजेंट। माँ भारती की शरारती, उदण्ड, किंतु लाडली बेटी। वो बला, किससे मौत भी पनाह मांगे। दोस्तों की दोस्त और दुश्मनों के लिए साक्षात मौत। (पृष्ठ-)
लहू का पुजारी - दिनेश ठाकुर
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में दिनेश ठाकुर और रीमा भारती दो सर्वाधिक चर्चित नाम रहे हैं। दिनेश ठाकुर की कलम ने उपन्यास साहित्य की धारा को एक अलग ही दिशा प्रदान कर दी थी। जहाँ कहानी के नाम पर एक्शन और इरोटिक साहित्य ही पाठकों को दिया जाता था। एक समय था जब रीमा भारती की डिमांड खूब थी।
समय बदला, मनोरंजन के साधन बदले और लोकप्रिय साहित्य लोगों की दृष्टि से गायब हो गया। उस समय के उपन्यासों में से एक उपन्यास है 'लहू का पुजारी' और लेखक हैं -दिनेश ठाकुर।
रीमा भारती के उपन्यास 'प्रथम पुरूष' में लिखे जाते रहे हैं। रीमा भारती अपने मिशन की जानकारी स्वयं के माध्यम से प्रस्तुत करती है। हालांकि प्रथम पुरुष में लिखे उपन्यासों में जो कुछ भी कहा जायेगा एक व्यक्ति के माध्यम से कहा जायेगा इसलिए बहुत कुछ कहना छूट जाता है। अब बात करते हैं उपन्यास की....
मैं रीमा....
रीमा भारती आई.एस. सी. अर्थात् इण्डियन सीक्रेट कोर नामक भारत की सबसे महत्वपूर्ण जासूसी संस्था की नम्बर वन एजेंट। माँ भारती की शरारती, उदण्ड, किंतु लाडली बेटी। वो बला, किससे मौत भी पनाह मांगे। दोस्तों की दोस्त और दुश्मनों के लिए साक्षात मौत। (पृष्ठ-)