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Wednesday, 30 November 2022

545. निमिष - ब्रजेश कुमार शर्मा

क्या समय यात्रा संभव है?
निमिष - ब्रजेश कुमार शर्मा
    
समय किसी के लिए नहीं रुकता
टाइम मशीन के लिए भी नहीं
कौन थी वो रहस्यमयी लेकिन बेहद खतरनाक युवती जो निर्धारित डैडलाइन में दो लोगों को मार न पाने की स्थिति में महाविनाश की चेतावनी दे रही थी और महाविनाश से उसका क्या मतलब था?
...
एक चार घंटे का साधारण-सा लगने वाला मिशन मौत का जाल बन गया था जिसमें निमिष और अवनी बुरी तरह फंसकर रह गए थे। मौत कदम-कदम पर उनके पीछे थी
और उन्हें हर कदम पर मौत को मात देनी थी
...
ये उपन्यास समय यात्रा यानि टाइम ट्रेवल पर सबसे हटकर लिखे गये उपन्यासों में से है। इसमें लेखक ने टाइम ट्रेवल से जुड़े बूटस्ट्रेप पैराडॉक्स जैसे पैराडोक्सेज पर चर्चा करते हुए उनके एक सम्भावित समाधान की थ्योरी प्रस्तुत की है।

Saturday, 15 October 2022

537. युगांतर - दिलशाद अली

युग बदला, पर नहीं बदला प्रेम और प्रतिशोध
युगांतर- दिलशाद अली

सुनते आए हैं कि मोहब्बत जब हद से बढ़ जाए, तो इबादत बन जाती है। बिल्कुल ऐसे ही, जैसे दर्द एक हद को पार करके दवा बन जाता है।
कुछ ऐसी ही मोहब्बत थी बाहर ग्रह से आई फूली सी नाजूक, परियों की सुंदर,  विद्युत सी चपल चंद्रिका की और पृथ्वी के साधारण से लड़के तारा की।
             सच्ची मोहब्बत हो और इम्तिहान ना ले, ऐसा संयोग विरला ही देखने में आता है।  तारा, और चंद्रिका की मोहब्बत भी सच्ची थी। न सिर्फ सच्ची थी, बल्कि इबादत
की सूरत भी अख्तियार कर चुकी थी।
             लिहाजा इम्तिहान की शक्ल में उनके हिस्से में युगों- युगों की जुदाई आई, और जुदाई भी ऐसी कि दोनों न सिर्फ एक दूसरे को, बल्कि खुद को भी भूल गए।
क्या हुआ जब याददाश्त खो चुके चंद्रिका और तारा का युगों बाद आमना-सामना हुआ ?
वृहद कालखंड में फैली एक लोमहर्षक विज्ञान फंतासी युक्त प्रेम कहानी।
(किंडल से)
लेखक दिलशाद अली जी के साथ, मेरठ 17.09.2022

उत्तर प्रदेश के हापुड़ शहर के युवा लेखक दिलशाद अली जी की द्वारा रचना 'युगांतर' शब्दगाथा प्रकाशन से प्रकाशित हुयी है।
   यह कहानी है प्रेम और प्रतिशोध की जो सदियों तक फैलाव लिये हुये है।

Monday, 27 December 2021

493. बुल्लेलाल - अमरेज अर्शिक

एक कॉमिक उपन्यास
बुल्लेलाल - एक जिंदा कार- अमरेज अर्शिक

 
फतांसी साहित्य में लेखक के कहानी कहने को सामग्री बहुत होती है। वह किसी भी राह से कुछ भी कह सकता है। Flydreams Publication फतांसी लेखन में नये-नये लेखकों और कहानियों को सामने ला रहा है। मैंने इन दिनों फतांसी साहित्य में जो रचनाएँ पढी हैं इनमें से प्रस्तुत रचना मुझे सर्वाधिक अच्छी लगी। 
    एक समय की बात है, एक ज़िंदा कार थी 'बुल्लेलाल', जिसकी सारी दुनिया ही दुश्मन थी और एक था दोस्त 'रेहान', जो बुल्लेलाल को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक देता है। बुल्लेलाल को न तो डीज़ल-पेट्रोल की ज़रूरत थी और न ही ड्राइवर की। बाहर से दिखने में बिल्कुल किसी आम कार सरीखी पर शायद खुद में जादू की पुड़िया।        
    दोस्तों के लिए जान देने और दुश्मनों की जान लेने वाली बुल्लेलाल की चमत्कारी कहानी।दोस्तों के लिए जान की बाज़ी लगाते-लगाते कब बुल्लेलाल की जान मुश्किल में पड़ गयी, पता भी न लगा। पर अब बहुत देर हो गयी थी और रेहान के सामने एक ज़िम्मेदारी आ खड़ी हुई थी, इस ज़िंदा कार को दुश्मन के हाथों में जाने से बचाने की। आखिर क्या था इस ज़िंदा कार बुल्लेलाल का राज़, कोई विज्ञान या चमत्कार। कौन है उसके दुश्मन? क्या रेहान बचा पायेगा उस जिंदा कार को? 

Wednesday, 22 December 2021

488. शैवाल - क्षमा कुमारी

धरती का प्रथम मनुष्य और तिलिस्मी हवेली।
शैवाल- समुद्र का महायोद्धा - क्षमा कुमारी
  
हर सदी में एक बार, समुद्र के गर्भ से एक हवेली बाहर आती है, जिसे देखने वाला मंत्र-मुग्ध होकर उसके पीछे भागता है और डूब कर मर जाता है।
क्या ये कोई मरीचिका थी या सचमुच में ऐसी किसी समुद्री हवेली का अस्तित्व था?
क्या तन्मय उस जादुई हवेली से बच पाया या दूसरे लोगों की तरह उसकी भी बलि ले ली उस समुद्री हवेली ने? (किंडल से पुस्तक परिचय) 
       हिंदी में‌ फतांसी रचनाएँ बहुत कम है और जो है वह इस स्तर की नहीं है की उनको याद रखा जाये।‌ इस क्षेत्र में Flydreams Publication द्वारा बहुत अच्छा प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकाशन द्वारा कुछ अच्छी फतांसी रचनाएँ समाने आयी हैं। 
    'शैलाव -समुद्र का महायोद्धा' नवोदित लेखिका क्षमा कुमारी की द्वितीय रचना है। यह रचना मनुष्य जाति के आरम्भ की कहानी है। 

Saturday, 11 September 2021

459. उनका आखिरी गाना- राॅइन रागा, रिझ्झम रागा

पेड़ों की दुनिया की यात्रा
उनका आखिरी गाना- राॅइन रागा, रिझ्झम रागा

'नई पीढी के फतांसी लेखकों में रागा बंधुओं का कोई सानी नहीं।- दीपक दुआ(प्रख्यात फिल्म निर्देशक)

    जब मैंने पहली बार रागा बंधुओं को फेसबुक पर उनके चर्चित उपन्यास 'पानी की दुनिया' के साथ देखा तो तभी से इनके उपन्यास पढने की इच्छा जागृत हो गयी। 'पानी की दुनिया' इनका एक चर्चित फतांसी उपन्यास है। 

उनका आखरी गाना- रागा बंधु
उनका आखिरी गाना- रागा बंधु
-   मैं अक्सर फेसबुक पर चर्चा सुनता रहता था कि जयपुर निवासी रागा बंधुओं (राॅइन रागा, रिझ्झम रागा) की कहानियाँ एक अलग दुनिया की यात्रा करवाती हैं। जयपुर एक दो चक्र भी लगे पर मेरी परिचित दुकानों पर संयोग से इनके उपन्यास नहीं मिले। एक दिन किंडल पर सर्च करते समय रागा बंधुओं का उपन्यास 'उनका आखिरी गाना' सामने आया तो उस पढ डाला। हालांकि इनके उपन्यास पहले किंडल पर उपलब्ध नहीं थे। और अब भी कुछ तकनीकी समस्या के साथ उपलब्ध हैं। 
  जैसा की सुना था रागा बंधुओं के उपन्यास फतांसी होते हैं, वहीं 'उनका आखिरी गाना' पढकर जाना यह फंतासी मात्र कोरी कल्पना ही नहीं मानवीय संवेदना का अनूठा चित्रण भी है।
      'उनका आखिरी गाना' मनुष्य के स्वार्थ, भौतिकता और वृक्षों पर आधारित एक रोचक लघु उपन्यास है। 

Saturday, 18 August 2018

133. द टाइम मशीन- एच. जी. वेल्स

समय से परे की एक यात्रा।
द टाइम मशीन- एच. जी. वेल्स, फतांसी उपन्यास, मध्यम।
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     अगर इस दुनियां के अलावा किसी और दुनियां की कल्पना करते हो और उस दुनियां में जाने के इच्छुक हो तो यह भी अब संभव है। अगर आप अपना अतीत या भविष्य देखना चाहते हो तो यह भी संभव है। आप को कुछ नहीं करना बस एक मशीन, टाइम मशीन में‌ बैठ कर एक बटन दबायें और पहुंच जाये अपनी‌ मनपसंद दुनियां में।
     एच. जी. वेल्स का उपन्यास 'दी टाइम मशीन' एक ऐसे ही काल्पनिक लोक की यात्रा की सैर करवाता है।
इस उपन्यास में लेखक की कल्पना की उपज टाइम मशीन, उस पर सवार होकर समय का सोपान तय करता समय यात्री.... उस की रोमांचक यात्रा में अजीबोगरीब स्थितियों में मिलते और उस की कटु मधु स्मृतियों‌ का हिस्सा बनते तिलस्मी पात्र ...सब अभिभूत कर देने वाले हैं।