आतंक - नरेन्द्र कोहली
मेरे प्रिय कथाकारों में से एक हैं नरेन्द्र कोहली। नरेन्द्र कोहली जी पौराणिक कथाओं को आधार बना, पौराणिक कथाओं पर जो साहित्य रचना करते हैं वह मेरी दृष्टि में अनुपम है। 'महासमर', 'हिडिम्बा', 'वरुणपुत्री' ऐसी ही रचनाएँ हैं जो पाठक को प्रभावित और सोचने के लिए विवश करती हैं। किंडल अनलिमिटेड पर नरेन्द्र कोहली जी का उपन्यास 'आतंक' पढा। यह कहानी है आम आदमी की, उस मनुष्य की जो शांति पसंद है, जो अपने परिवार को पालना चाहता है, कानून की पालना करता है लेकिन कुछ समाजिक तत्वों के चलते सीदे-सादे मनुष्य को कैसे आतंक में जीना पड़ता है।


