अनोखा सफर- राधानाथ स्वामी, आध्यात्मिक यात्रा वृतांत
भारत भूमि अध्यात्म की भूमि है। ऋषि-मुनियों की भूमि है। यहाँ की भूमि में कुछ तो विशेष आकर्षक है जो अभारतीय भी यहाँ खींचे चले आते हैं। और उनके आने का उद्देश्य कोई सामान्य यात्रा नहीं है, वे तो आध्यात्मिक शांति के लिए यहाँ आते हैं। इस पवित्र धरा को समझने आते हैं।
ऐसा ही अमेरिकी युवक भारत आता है और फिर यहाँ का होकर रह जाता है।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हमारे आदरणी मैम रेखा चौधरी जी को आध्यात्मिक पुस्तकों में विशेष रूचि है। उनके सानिध्य में कुछ आध्यात्मिक किताबें मैंने भी पढी हैं। इस पुस्तक से पूर्व मैंने श्री एम की आध्यात्मिक रचना 'हिमालयवासी गुरु के साये में' पढी थी और संभव यह अध्ययन आगे भी यथावत जारी रहेगा।
![]() |
| अनोखा सफर- राधानाथ स्वामी |
इस पुकार पर वह युवक अपना घर-ऐशोआराम त्याग कर 'हिचहाइक'(रास्ते में जो भी साधन मिला उसी से लिफ्ट लेकर यात्रा करना) द्वारा तुर्की, अफगानिस्तान जैसे खतरनाक और आतंकवाद क्षेत्र से पैदल भारत की ओर गमन करता है। खैबर दर्रे से होता हुआ जब वह भारत में प्रवेश चाहता है तो उसे प्रवेश नहीं मिलता।










