Wednesday, 23 August 2023
572. करिश्मा आँखों का - टाइगर
आखिर क्या रहस्य था उन नीली आँखों का
"यानि तुम अंधे नहीं हो ?"
प्रस्तुत उपन्यास का कथानक डाक्टर कामत के द्वारा अशोक प्रधान के किये गये ऑप्रेशन से होता है। डॉक्टर कामत का यह ऑप्रेशन तो सफल हो जाता है लेकिन वह अशोक प्रधान के शांत जीवन में तूफान खड़ा कर देता है, अशोक का विश्वास और दुनिया दोनों ही खत्म हो जाते हैं।Saturday, 19 August 2023
571. लाश की जिंदा आँखें- टाइगर
कैसा अनसुलझा रहस्य था वो, आंखें तो जिन्दा थी, मगर इन्सान लाश में तबदील हो चुका था। (उपन्यास के अंतिम आवरण पृष्ठ से)
राजा पॉकेट बुक्स के लेखक 'टाइगर' के उपन्यास रहस्य-रोमांच के साथ-साथ हास्य से परिपूर्ण होते हैं। इनका रहस्य जितना कथा में होता है उतना ही उपन्यास शीर्षक में भी। उपन्यास शीर्षक देखें- लाश की जिंदा आँखें, मुँह बोला पति जैसे शीर्षक पाठक को सहज ही आकृष्ट कर लेते हैं। उस पर अगर आप टाइगर के नियमित पाठक हैं तो आपको पता ही है टाइगर के उपन्यासों में जो कथा कहने का तरीका, हास्य रस और आमजन पात्रों का वर्णन होता है वह बहुत प्रभावित करता है।
प्रस्तुत उपन्यास 'लाश की जिंदा आँखें' अपने समय का अत्यंत चर्चित उपन्यास रहा है। इसका कथानक एक बैंक डकैती से आरम्भ होता है।
कथा का मुख्य पात्र है बाबू राव पेंडरकर जो एक सजाप्राप्त, उम्रदराज व्यक्ति है और उसके साथ है उस जैसे ही तीन और सदाबहार दोस्त।
Monday, 14 August 2023
570. मौत सस्ती है - राज भारती
क्या विनोद खन्ना ने की थी एक हेरोइन की हत्या?
मौत सस्ती है- राज भारती
'सब झूठ है ।' आवेश में उसकी आवाज कांपने लगी 'पाल पहले ही कहता था कि ऐसा होगा वह जानता था कि उसको जीवित नहीं छोड़ा जायेगा। मैं जानती हूं कि तुम्हारे ही किसी आदमी उसकी जिन्दगी का सौदा कर डाला होगा।' - उसकी आंखों में अब आंसू झलक आये - 'वह पहले ही कहता था... तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिये।'
विजय बोला - 'वह महज दुर्घटना ही है। मैं खुद बाथरूम के बाहर मौजूद था । बाथरूम में दरवाजे के अतिरिक्त और कोई रास्ता नहीं है।'-
कमल उसे घूरती रही, उसके होंठ अब भी कांप रहे थे । (मौत सस्ती है- राज भारती)
अनिता एक प्रसिद्ध अभिनेत्री थी। उसका एक फिल्म अभिनेता से और एक खतरनाक अपराधी से अच्छा संपर्क था। लेकिन एक दिन अनिता अपने घर के स्वीमिंग पूल में मृत अवस्था में पायी गयी। आखिर उसकी हत्या किसने और क्यों की?
पुलिस सुपरिडेटेंड रघुनाथ और जासूस विजय जब अभिनेत्री सुनीता के घर पहुँचे तो वहाँ का दृश्य अत्यंत वीभत्स था। अनीता के साथ-साथ घर के नौकरों का लाशें यहाँ-वहाँ पड़ी थी।
एक साथ इतने कत्ल।
इतना भयंकर हत्याकांड।
कितनी सस्ती नजर आ रही थी उसे मौत । कार में बैठा विजय वापस जाते समय वह यही सोच था।
Tuesday, 11 July 2023
569. वह कौन था- कर्नल रंजीत
किस्सा चार सौ साल पुराने अभिशाप का
वह कौन था- कर्नल रंजीत
हिंदी जासूसी साहित्य में कर्नल रंजीत का एक अलग ही अंदाज रहा है। इब्ने सफी के बाद कर्नल रंजीत ने ही वह लोकप्रियता प्राप्त की और अपना एक विशेष अंदाज बनाया था।
कर्नल रंजीत उपन्यास समीक्षा- चांदी की मछली
कर्नल रंजीत के उपन्यासों का नायक मेजर बलवंत है और उसके साथ उसके साथी और प्रिय कुत्ता क्रोकोडायल होता है।प्रस्तुत उपन्यास 'वह कौन था' एक रहस्य कथा है, जिसमेम एक जमींदार परिवार की कथा,कहां लगभग चार सौ साल से एक रहस्य बराबर चल रहा है और वह रहस्य है 'ठाकुर' की उपाधि प्राप्त व्यक्ति की हत्या का होना और यह पिछ्ले चार सौ साल से हो रहा है। क्या यह संभव था? अगर संभव था तो कैसे?
नमस्ते, मैं गुरप्रीत सिंह, श्रीगंगानगर, राजस्थान से पाठक मित्रों के लिए लेकर उपस्थित हूँ कर्नल रंजीत के उपन्यास 'वह कौन था' की समीक्षा।
Friday, 30 June 2023
568. जाल - विकास सी एस झा
क्राइम ब्राच का इंस्पेक्टर उलझा एक जाल में
जाल- विकास सी एस झा
ट्रिपल मर्डर की एक ऐसी गुत्थी, जिसके तारों में क्राइम ब्रांच का एक ऑफिसर चंद्रशेखर त्यागी, खुद उलझ बैठा, और ऐसा उलझा की पनाह मांग गया। लोभ, महत्वाकांक्षा और हवस की एक ऐसी कहानी जिसमें क़ातिल तक पहुंचना तमाम पुलिस और क्राइम ब्रांच के लिए निहायत दुश्वारियों भरा था। ये कहानी क्राइम ब्रांच के उस ऑफिसर, चंद्रशेखर त्यागी के खुद को पाक-साफ साबित करने और उस जद्दोजहद की कहानी है, जिसमें वो गले तक फंसा पड़ा था। ये कहानी एक ऐसी बेइंतहा हुस्न की मल्लिका उर्वशी कालरा की भी कहानी है जिसने पति के होते हुए भी पराये मर्दों से संबंध रखे, बाद में जिसका अंजाम खुद उसके कत्ल के तौर पर सामने आया, और फिर शुरू हुआ कत्ल का एक सिलसिला। क्या क़ातिल पकड़ा गया ? कौन था क़ातिल ? जानने के लिए पढ़ें ये रहस्यमयी कथानक-जाल।
विकास सी एस झा जी का नाम 'लाॅकडाउन' के समय उनकी रचना 'लाॅकडाउन एक उडान' के माध्यम से चर्चा में आया था। प्रथम रचना की सफलता के साथ ही विकास झा साहब लेखन को समर्पित हो गये।मेरे द्वारा विकास सी एस झा जी का पढा गया प्रथम उपन्यास 'जाल' है। जो कथानक के तौर पर जाल है जिसमें क्राइम ब्रांच का एक ऑफिसर उलझकर अपनी नौकरी तक गवा देता है।
जाल उपन्यास का आरम्भ मुंबई के एक स्थान कर्जत से होता है जहाँ मुंबई क्राइम ब्रांच का ऑफिसर चन्द्रशेखर त्यागी अपने दोस्तों के साथ एंजोय कर रहा था।
चंद्रशेखर त्यागी- मुंबई क्राइम ब्रांच का एक दिलेर और जांबाज ऑफिसर, जिसने महज 27 साल की उम्र में ही अपनी सूझबूझ और कार्यकुशलता के बल पर अपने ढाई साल के छोटे से कार्यकाल में ही डिपार्टमेंट के अंदर अपने नाम का सिक्का जमा लिया है । आज की तारीख में चंद्रशेखर त्यागी, मुंबई क्राइम ब्रांच का एक ऐसा नाम है जिसे सुनकर अपराधी पनाह माँग जाते हैं ।
Sunday, 18 June 2023
567. नवाब मर्डर केस - राज भारती
और इस तरह मारे गये छोटे नवाब जी
नवाब मर्डर केस- राज भारती
नवाब स्टील रौलिंग कम्पनी के मालिक के बड़े नवाब साहब के शाहबजादे छोटे नवाब फारुख शेख साहब जरा रंगीन मिजाज आदमी थॆ। अपनी कम्पनी की लड़कियों को बहला-फुसला कर अपने फार्म हाउस ले जाना, उनके साथ मनमर्जी या जबरदस्ती के साथ अपनी विषय पूर्ति करना उनका शौक था। काम मनमर्जि से हो गया तो ठीक नहीं तो छोटे नवाब साहब जबर्दस्ती कर ही लेते थे।
इसी के कामों के चलते एक दिन अपने फार्म हाउस पर छोटे नवाब साहब मरे हुये पाये गये। उनकी पीठ पर किसी ने खंजर ठक दिया था।
अब विषय यह था कि छोटे नवाब साहब का कत्ल किसने किया और क्यों किया?
खैर, क्यों किया यह तो बहुत जल्दी पता चल गया था पत किसने किया यह पता उपन्यास के अंत में चलता है।
नवाब स्टील कम्पनी की एक कर्मचारी आरती तलवार प्रसिद्ध वकील अभय वर्मा से मिलती है। और वकील अभय वर्मा को बताती है की रात नवाब स्टील कम्पनी के मालिक बड़े नवाब का पुत्र फारूख शेख उसे धोखे से फार्म हाउस ले गया और उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की, वासना का अंधा खेल खेलना चाहा पर वह किसी तरह वहाँ से बच कर निकल आयी।
Friday, 16 June 2023
566. वतन के आंसू- धीरज
1984 के आतंकवाद पर आधारित उपन्यास
वतन के आंसू- धीरज
राजा पॉकेट बुक्स, दिल्ली द्वारा प्रकाशित छद्म लेखक 'धीरज' का एक 'वतन के आंसू' पढने को मिला। उपन्यास की कथावस्तु स्वयं में अद्वितीय है क्योंकि इस विषय में लोकप्रिय साहित्य में, मेरी जानकारी अनुसार तो नहीं लिखा गया। हाँ, यह एक सज्जन ने बताया था कि इसी विषय पर प्रेम बाजपेयी जी ने एक उपन्यास लिखा था। यह भी अच्छी बात है।
अब बात करते हैं धीरज द्वारा लिखित 'वतन के आंसू' की। यह एक सत्य घटना पर आधारित एक थ्रिलर उपन्यास है।
नब्बे का दशक भारत और विशेष कर पंजाब के लिए एक काला दौर था। पंजाब में आतंकवाद चरम पर था। सन् 1984 में भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या इन चरमपंथियों द्वारा की गयी और उसके बाद दिल्ली में जो सिक्खों के साथ नरसंहार हुआ वह अमानवीय कृत्य था। आतंकवादियों का शीर्ष नेतृत्व खत्म हो चुका था लेकिन बाद में छोटे-छोटे समूहों में विभक्त आतंकवादियों ने आतंकी घटनाओं का कृत्य जारी रखा था।
'वतन के आंसू' की पृष्ठभूमि में आतंकवाद है और कहानी है दिल्ली की। जहाँ एक आतंकी संगठन बम विस्फोट द्वारा निर्दोष लोगों की जान ले लेते हैं।
आतंकी सिखों के विरोध में एक अज्ञात 'कनपटी मार' पैदा होता है जो सिख लोगों को निशान बनाता है और कनपटी पर प्रहार कर जान ले लेता है।
Thursday, 1 June 2023
565. मृगनयनी- जेठा लाल सोमैया
एक वकील जब फंसा कत्ल केस में
मृगनयनी- जेठा लाल सोमैया
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में हिंदी भाषी क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य किसी राज्य का नाम लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में आता है तो वह है गुजरात। एक समय था जब गुजरात से 'गाइड' जैसी प्रसिद्ध पत्रिका का प्रकाशन होता था। वहीं सूरत से 'साहित्य संगम' नामक प्रकाशन से भी जासूसी उपन्यास प्रकाशित होते रहे हैं।
साहित्य संगम से जेठालाल सोमैया नामक लेखक की जानकारी मिलती है, जिन्होंने 'लाट साहब' नाम से भी उपन्यास लिखे हैं। इनका प्रसिद्ध नायक एडवोकेट संदीप सेन है।
जेठालाल सोमैया द्वारा रचित 'मृगनयनी' उपन्यास इन दिनों पढा, यह एक रोचक और तीव्रगति का मर्डर मिस्ट्री उपन्यास है।
धंधे में तेजी की तरह मंदी के दिन भी आते हैं। पुरजोश में चलते व्यवसायों में भी कभी-कभी मंदी की बयार बहने लगती है। तेजी-मंदी का यह नियम कमोबेश लगभग सभी व्यवसाय को लागू होता है।
जब हर धंधे में मंदी आती है तो मुम्बई जैसा शहर भी इस मंदी से नहीं बच सकता और इस मुंबई शहर का प्रसिद्ध वकील संदीप सेन भी मंदी से नहीं बच सका।
एडवोकेट सन्दीप सेन की भी इन दिनों यही हालत थी । थोड़े से मामूली केसों के अलावा कोई खास काम उनके पास नहीं था। रीटा कदम उनकी नौजवान और चंचल सेक्रेटरी भी आफिस में ज्यादा काम न होने के सबब से महीने भर की छुट्टी गई थी। और सेन साहब खुद भी शाम का समय गुजारने के लिए रेडियो क्लब में पहुँचने लगे थे।
Monday, 29 May 2023
564. खाली आंचल- सुरेश चौधरी
एक मार्मिक रचना 'खाली आंचल'
लेखक- सुरेश चौधरी
वर्तमान रोमांटिक उपन्यासों के समय में एक सामाजिक उपन्यास का आना एक आश्चर्य की तरह है। अगर आपने लोकप्रिय साहित्य में 'राजहंस, राजवंश,मनोज' जैसे लेखकों को पढा है तो सुरेश चौधरी जी का प्रस्तुत उपन्यास आपको उस दौर की याद दिला देगा।
शाम का धुंधलका धीरे-धीरे गहरे अन्धेरे में तब्दील हो गया। परन्तु सेठ मुरारीलाल की कोठी इस गहरे अन्धेरे में भी इस तरह से जगमग कर रही थी, जैसे कोई दुल्हन अपने असीम रूप की छटा बिखेरती हो। (खाली आंचल उपन्यास के प्रथम पृष्ठ से)
जीवन परिवर्तन और संघर्षशील है। ऐसा ही जीवन जीता है प्रस्तुत उपन्यास का नायक आकाश। एक अमीर घराने युवक आकाश जब एक रात अपने घर लौटता है तो एक घटना ने उसका जीवन ही बदल दिया था। आकाश चाहकर भी उस घटना की पुष्टि नहीं कर पाता। लेकिन उसका हृदय इतना परिवर्तित हो चुका था की उसे घर का हर सदस्य अब बेगाना नजर आने लगा था।
Tuesday, 25 April 2023
563. सुप्रीम जस्टिस- परशुराम शर्मा
और जीरोलैण्ड तबाह हो गया
सुप्रीम जस्टिस- परशुराम शर्मा
'जीरोलैण्ड' उपन्यास में आपने पढा की विश्व के श्रेष्ठ जासूस जीरोलैण्ड को तबाह करने निकले थे। वहीं जीरोलैण्ड की आंतरिक कलह भी जीरोलैण्ड को कमजोर कर रही थी।जीरोलैण्ड का संचालन करने वाली पांच मुख्य ताकतों के ऊपर 'सुप्रीम जस्टिस' नामक एक रहस्यमयी का अस्तित्व भी है, जिसे कभी किसी ने नहीं देखा। वह ताकत जीरोलैण्ड का संविधान है, वही जीरोलैण्ड का न्यायालय है, वही जीरोलैण्ड का संचालन करती है।
'जीरोलैण्ड' उपन्यास के अंत में जीरोलैण्ड को तबाह करने निकले श्रेष्ठ जासूस तक भी वहाँ जाकर बर्फ के बुत बन जाते हैं और एक रहस्य यह भी खुलता है की 'सुप्रीम जस्टिस' के पीछे विश्व का एक श्रेष्ठ भारतीय जासूस है। यह तथ्य कितना सही है और कितना गलत है उपन्यास 'सुप्रीम जस्टिस' में पता चलता है।
हिंदी जासूसी कथा साहित्य में 'जीरोलैण्ड' की कल्पना इब्ने सफी साहब ने की थी पर उन्होंने कभी 'जीरोलैण्ड के रहस्य का खुलासा नहीं किया। और भी बहुत से लेखकों ने 'जीरोलैण्ड' की अवधारणा पर उपन्यास लेखन किया पर इब्ने सफी के अतिरिक्त प्रसिद्ध अगर किसी लेखक को मिली तो वह है परशुराम शर्मा।
परशुराम शर्मा जी ने न केवल जीरोलैण्ड पर उपन्यास लेखन किया बल्कि उन्होंने 'जीरोलैण्ड' के रहस्य को भी पाठकों के समक्ष उजागर किया।
Sunday, 23 April 2023
562. जीरोलैण्ड- परशुराम शर्मा
जानिये रहस्य जीरोलैण्ड का
जीरोलैण्ड- परशुराम शर्मा
लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में कुछ ऐसे विषय हैं जिन पर विभिन्न लेखकों ने लिखा है। और यह विषय भी स्वयं इस क्षेत्र के लेखकों द्वारा पैदा किये गये काल्पनिक विषय हैं। या यूं कहें लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में एक काल्पनिक संसार की रचना की गयी और उस संसार पर विभिन्न लेखकों ने अपने-अपने अनुसार लेखन किया। जैसे- जीरोलैण्ड, मर्डरलैण्ड, मैकाबर।
आज यहाँ हम बात कर रहे है परशुराम शर्मा जी द्वारा लिखे गये उपन्यास 'जीरोलैण्ड' की। जीरोलैण्ड एक काल्पनिक कथा संसार है जिसकी रचना इब्ने सफी साहब ने की थी।'जीरोलैण्ड' उपन्यास का आरम्भ एक रहस्यमयी इमारत से होता है।
इमारत का नाम था ‘पागल महल’।
गेट पर जहां ‘पागल महल’ की प्लेट लगी थी उसी के नीचे इमारत के स्वामी का नाम लिखा था।
‘राजेश बिहारी एम. एस. सी. पी. एच. डी. आक्ससन।’
राजाराम दयाल फटी-फटी आंखों से इस इमारत को देख रहा था।
Friday, 21 April 2023
561. चाल पर चाल- जेम्स हेडली चेइज़ , विकास नैनवाल
कहानी एक झूठी औरत की
चाल पर चाल- जेम्स हेडली चेइज़
अनुवाद- विकास नैनवाल
छः माह से खाली बैठे प्राइवेट डिटेक्टिव डेविड फेनर को जब उस खूबसूरत युवती के आने की खबर मिली तो उसे लगा था कि शायद अब उसे कोई केस मिलेगा। वह कहाँ जानता था कि वह औरत अपने साथ मुसीबतों और रहस्यों का ऐसा झंझावात लेकर आएगी कि उसका अपनी जान बचाना दूभर हो जाएगा। अब हर चाल पे उसे ऐसी चाल चलनी पड़ेगी जो उसे मौत से दूर और सच्चाई के करीब लेकर आएगा। लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा था… वह हर चाल पर मौत के नजदीक और सच्चाई से दूर जाता जा रहा था… सुप्रसिद्ध क्राइम लेखक जेम्स हेडली चेइज़ के उपन्यास डॉल्स बैड न्यूज़ का विकास नैनवाल द्वारा किया उत्कृष्ट हिन्दी अनुवाद।
विकास नैनीताल जितने अच्छे एक पाठक हैं, उतने ही अच्छे एक अनुवादक भी हैं। विकास नैनवाल जी के ब्लॉग पर लिखे इनके आर्टिकल/ समीक्षा आदि पढने को मिल जाती हैं और अक्सर में पढता भी रहता हूँ। अनुवादक के रूप में मैंने इनकी यह प्रथम रचना पढी है जो काफी रोचक है।प्राइवेट डिटेक्टिव डेविड फेनर अपनी असिस्टेंट पाॅला के साथ अपने ऑफिस में थे अभी एक घबरायी हुयी ने वहाँ प्रवेश किया।
वह औसत से थोड़ी लंबी थी और छरहरे बदन की मालकिन थी। उसकी टाँगे बहुत लंबी, हाथ और पैर पतले और उसका शरीर किसी डाली-सा तना हुआ था। उसके बादल से काले बाल उसकी हैट के नीचे से दिख रहे थे। उसने एक बेहद खूबसूरत टू-पीस ड्रेस पहनी हुई थी और इसमें वह परी चेहरा बेहद जवान और डरी हुई लग रही थी।
Monday, 17 April 2023
560. सालाजार सेक्टर- अज्ञात
मंगल ग्रह का खतरनाक अपराधी
सालाजार सेक्टर-
खान-बाले सीरीज का उपन्यास
उन सबके दिल धड़क रहे थे जुबानें खामोश थीं। हरेक के दिल में एक हलचल सी मची हुई थी और उनको अपने सामने मौत खड़ी हुई नजर आ रही थी । बाले सोच रहा था कि यदि वह खान के साथ आने से इन्कार कर देता तो अच्छा था । वह उस घड़ी को कोस रहा था कि जब उसने खान के साथ उस अंतरिक्ष यान पर मंगल के लिए रवाना हुआ था । (सालाजार सैक्टर- उपन्यास अंश)
हिंदी जासूसी कथा साहित्य में अनुवाद का भी अच्छा समय रहा है और आज भी अनुवाद हो रहे हैं। एक समय था जब उर्दु से हिंदी में अनुवाद होते थे, उर्दू से हिंदी मात्र लिपी परिवर्तन होता था क्योंकि दोनों भाषाओं में नाममात्र ही अंतर है। बाद में अंग्रेजी से भी अच्छे अनुवाद होते रहे और आज भी जारी हैं।










