यह उपन्यास दूसरा भाग है ।
पहला भाग रूस की रसभरी
द्वितीय अनुपलब्ध
हिंदी जासूसी कथा साहित्य के प्रसिद्ध लेखक 'चंदर'(आनंद प्रकाश जैन) ने भोलाशंकर शृंखला के काफी उपन्यास लिखे हैं। और नवम्बर माह (2023) में मैं सतत् चंदर के उपन्यास पढ रहा हूँ। इनमें से कुछ रोचक, कुछ मध्यम और कुछ औसत उपन्यास पढने को मिले हैं।
चंदर द्वारा लिखित 'टापू के शैतान' तात्कालिक समय में लिखे जा रहे उपन्यासों की शृंखला का ही एक उपन्यास है। इस विषय पर आगे चर्चा करते हैं।
अत्यंत गोपनीय जासूसी संस्था के चीफ पण्डित गोपालशंकर और उनके जासूस पुत्र भोलाशंकर शृंखला के इस प्रस्तुत उपन्यास की बात करते हैं।
भारतीय लोगों का विश्वास है की चंद्रमा पर एक बुढिया बैठी चरखा कातती है। और गुप्त भारतीय जासूस संस्था 'स्वीप' का प्रसिद्ध जासूस पण्डित भोलाशंकर जब उस बुढिया से मिला तो....
हिंदी जासूसी साहित्य में चंदर का एक विशेष नाम रहा है। चंदर के उपन्यासों में गोपालशंकर नामक गुप्तचर है। प्रस्तुत उपन्यास इन्हीं गोपालशंकर की चन्द्र यात्रा की कहानी है।
मेजर का नया अदभुत कारनामा
रहस्यमय लड़कियां
जो भी लड़की मरी हुई मिलती उसके गले में नायलोन का मोजा होता आँखें बाहर को उछली हुई होतीं मुँह से जिह्वा की नोक दिखाई देती !
चारों लड़कियाँ एक-से-एक सुन्दर थीं चारों सुशिक्षिता थीं; आधुनिक थीं उन पर कोई भी प्यार करने को अकुला जाता मगर न जाने हत्यारे को उन पर क्यों तरस नहीं आया ।
हत्याओं की यह अनोखी कहानी है। इसे पढ़ कर रोंगटे खड़े हो जाएँगे यह निराला ही कारनामा है । मेजर का अनोखा कारनामा।
- सुरेन्द्र इलाहाबादी
अनिता एक प्रसिद्ध अभिनेत्री थी। उसका एक फिल्म अभिनेता से और एक खतरनाक अपराधी से अच्छा संपर्क था। लेकिन एक दिन अनिता अपने घर के स्वीमिंग पूल में मृत अवस्था में पायी गयी। आखिर उसकी हत्या किसने और क्यों की?
पुलिस सुपरिडेटेंड रघुनाथ और जासूस विजय जब अभिनेत्री सुनीता के घर पहुँचे तो वहाँ का दृश्य अत्यंत वीभत्स था। अनीता के साथ-साथ घर के नौकरों का लाशें यहाँ-वहाँ पड़ी थी।
एक साथ इतने कत्ल।
इतना भयंकर हत्याकांड।
कितनी सस्ती नजर आ रही थी उसे मौत । कार में बैठा विजय वापस जाते समय वह यही सोच था।