बाल शोषण की मार्मिक कहानी
जगिया की वापसी- अन्ना राम सुदामा
बाल मजदूरी पर एक छोटे से बच्चे की एक मार्मिक कहानी है 'जगिया की वापसी' । कहानी पढते वक्त आप स्वयं को जगिया के दर्द के साथ जोड़ लेंगे। एक बच्चा किन कठिन परिस्थितियों में अपने परिवार के लिए काम करता है और कैसे लोग उसकी मासूमियत और परिश्रम का लाभ उठाते है । राजस्थानी भाषा की सौंधी महक और परिवेश से सज्जित यह हिंदी में लिखित रचना आपको अवश्य पढनी चाहिए ।
'जगिया की वापसी'राजस्थान के एक क्षेत्र की है। जगिया एक गरीब परिवार का बालक है। बाप शराबी है, बड़ा भाई बकरियाँ चराता है और मां किसी तरह घर को चलाती है। बीमार माँ के लिए दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करना बहुत मुश्किल कार्य है लेकिन फिर भी वह घर परिवार को संभालती है । जब ज्यादा काम होता है तो वह जगिया को भी काम पर साथ लगा लेती है और जगिया का स्कूल जाना बंद हो जाता है। और कभी कभी जगिया महीना भर स्कूल नहीं जा पाता ।
'जगिया की वापसी'राजस्थान के एक क्षेत्र की है। जगिया एक गरीब परिवार का बालक है। बाप शराबी है, बड़ा भाई बकरियाँ चराता है और मां किसी तरह घर को चलाती है। बीमार माँ के लिए दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करना बहुत मुश्किल कार्य है लेकिन फिर भी वह घर परिवार को संभालती है । जब ज्यादा काम होता है तो वह जगिया को भी काम पर साथ लगा लेती है और जगिया का स्कूल जाना बंद हो जाता है। और कभी कभी जगिया महीना भर स्कूल नहीं जा पाता ।
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