कहां से आये अश्वमानव
जादुई जंगल- मिथिलेश गुप्ता
ये कहानी कई बरस पुरानी है।
जब शायद तुम्हारे परदादा के परदादा, तुम्हारी उम्र के रहे होंगे।
ये कहानी है उस जंगल की जो न सिर्फ जादुई था बल्कि कुछ अजीबोगरीब रहस्यों से भरा हुआ था।
कहते हैं उस जंगल की कहानी किसी परियों की कहानी से कम नहीं थी।
ये कहानी उन अश्वमानवों की हैं जिनपर कभी इस जंगल का भविष्य निर्भर था।
ये कहानी उन जादुई मेंढकों की भी है जिन की हुकूमत उस जंगल के कोने-कोने तक फैली हुई थी।
कहते हैं ये कहानी आज भी सिर्फ एक कहानी की तरह ही सुनाई जाती है, कुछ लोग इसे सत्य मानते हैं तो कुछ लोग एक कोरी कल्पना।
सच क्या है, ये मैं नहीं जानती, पर कहते हैं आज भी वो जादुई जंगल उसी स्थान पर बसा हुआ है जहाँ वो सालों से था।
कुछ चमत्कारी शक्तियाँ उस जंगल को इंसानी नज़रों से बचाये हुए हैं।
आइए, चलते है जादुई जंगल के इस सफर पर...
अश्वमानवों की वापसी - मिथिलेश गुप्ता
नमस्ते पाठक मित्रो,
बाल साहित्य के अंतर्गत आज एक रोचक उपन्यास की समीक्षा प्रस्तुत है।
यह किताब विश्व पुस्तक मेला 2023 में 25.02.2023 को खरीदी गयी थी । इसे मैं दो बार पढ चुका हूँ । बच्चों के लिए मनोरंजक किताब है।
एक गांव है जहां एक दमदमी माई रहती है। उसकी उम्र कितनी है यह तय कर पाना मुश्किल है। शायद एक सौ बीस साल से ज्यादा...चलो, अपने कहानी पर चलते हैं। जिस गांव में दमदमी माई रहती है उस गांव के सभी लोगों को एक जैसा सपना एक साथ आता है। है ना आश्चर्य की बात, एक साथ सभी को एक जैसा सपना आना ।
गांव के दो नन्हें बच्चे हैं परी और बिरजू। दोनों ही दमदमी माई के कोटर पर पहुंचते हैं और दमदमी माई से सपने की बात करते हैं।
"वो सपना असल में एक संकेत है, जो जादुई जंगल की तरफ से भेजा गया है। बरसों पहले जंगल के जादुई जीवों ने इस गाँव के साथ-साथ इंसानों को भी तबाह होने से बचाया था। अब उस एहसान का बदला चुकाने का समय आ गया है। सुनहरी किताब में लिखी भविष्यवाणी के पूरा होने का समय आ गया है।” दमदमी माई बोली।
"सुनहरी किताब ? भविष्यवाणी? ये सब क्या है? क्या लिखा है भविष्यवाणी में? कौन है वो बुरी ताकतें? और गाँव वाले जादुई जंगल में कैसे जायेंगे?” बिरजू ने उत्सकुता से पूछा।
आगे कहानी बढती है एक जादुई जंगल की और वह जंगल है मुसीबत में और सुनहरी किताब के अनुसार उसे मुसीबत से बाहर परी और बिरजू ही निकाल सकते हैं।
अब समय आ गया है कि तुम दोनों इस जंगल को फिर से आजाद करवाओ। कुछ ऐसी काली शक्तियां हैं जो इस जंगल को अपने कब्जे में लेकर उसे तबाह कर रही हैं। लेकिन अब लगता है कि पानी सर से ऊपर जा चुका है क्योंकि तुम दोनों के आने का संकेत यही दर्शाता है। मैं यही प्रार्थना करता हूं कि तुम दोनों सकुशल अपने मंजिल तक पहुँचो और इस जंगल को आजाद कराओ।"(पृष्ठ- 95)
अब दोनों बच्चे कैसे एक जादुई जंगल को मुसीबतों से कैसे निकालते हैं और जंगल मुसीबतों में घिरा कैसे था ? और वह भी जादुई जंगल जो किसे को दिखाई नहीं देता था। जब जंगल दिखाई नहीं देता तो परी और बिरजू उस जंगल तक पहुंचे कैसे और तो और वहां की एक और विशेषता भी है और वह विशेषता है- वह विशेषता है एक नगर की ।
- तुम्हें वो नगर तब तक नहीं मिलेगा जब तक तुम उसे खोजते रहोगे।
क्या बात है जिसे आप खोज रहे हैं वह आपको मिलेगा । यही है जादुई जंगल की जादुगरी । यहां एक खतरनाक सर्पांग है और बोलने वाले पेड़ और भी बहुत कुछ और सब कुछ के साथ है रोमांच।
चलो अब थोड़ा नकारात्मक पक्ष देख लें-
परी और बिरजू को जादुई तलवारें मिलती हैं । पर उनका कहीं कोई उपयोग नजर नहीं आता ।
लेखक महोदय ने दो पात्रों के नाम सर्पांग और वृक्षालू । लेखक महोदन ने दोनों नाम बिना अर्थ देखे ही रख दिये। सर्पांग का अर्थ है सर्प का अंग । अब सांप का नाम हुआ 'सांप का अंग' । वहीं एक वृक्ष का नाम है 'वृक्षालू' जिसका अर्थ हुआ 'वृक्ष का आलू'... अरे ! यह क्या नाम हुआ ?
चलो अब एक बार फिर बाल उपन्यास के अंतिम पृष्ठ पर लिखे शब्द पढ लें-
एक सुनहरी किताब एक खोया हुआ नगर जादुई जंगल और अश्वमानवों की वापसी
ये कहानी कई सौ बरस पुरानी है..
ये कहानी है उस जंगल की, जो न सिर्फ जादुई था. बल्कि कुछ अजीबोगरीब रहस्यों से भरा हुआ था। ये कहानी है उन अश्वमानवों की, जिन पर कभी इस जंगल का भविष्य निर्भर था। ये कहानी उन तिलिस्मी वृक्षों की भी है जिन्होंने जंगल के इतिहास को करीब से देखा और जिनकी हुकूमत उस जादुई जंगल के कोने-कोने तक फैली हुई थी !
लेकिन वक्त बदला और एक दुष्ट सर्प 'सर्पोंग' ने उस सुनहरे जंगल को अपनी विषैली शक्तियों के आगोश में ले लिया। और फिर वह जादुई जंगल व उसके विलक्षण प्राणी फिर कभी किसी को नजर नहीं आए।
1300 साल बाद, फिर समय बदला और अब 'अश्वमानवों' को देखा जाना इस बात का सुबूत है कि वाकई कुछ जादुई घटनाएं घटने वाली है। लेकिन क्या... कोई नहीं जानता...
अगर आप जानना चाहते हैं तो यह बाल उपन्यास 'जादुई जंगल - अश्वमानवों की वापसी' आपनो पढना होगा।
यह उपन्यास कुछ अधूरी बातों/ उत्तरों/ तर्कों के साथ भी काफी रोचक है। बच्चों के साथ-साथ वयस्कों का मनोरंजन करने में सक्षम है।
लेखक- मिथिलेश गुप्ता
पृष्ठ- 151
प्रकाशक- flydreama publication
मूल्य- 220₹
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