Thursday, 7 July 2022

524. बंद कमरे में खून- आरिफ मारहर्वी

क्या यह संभव था?
बंद कमरे में खून- आरिफ माहरर्वी

सहसा बाजार में शोर मच गया। कई चीखें सुनाई दीं। लोग चीखते-चिल्लाते एक ओर को दौड़े। दुकानदार अपना अपना काम छोड़कर उसी शोर की ओर आकृष्ट हो गये। सड़क पर चलती स्त्रियाँ सुरक्षित स्थानों पर रुक गईं और भयभीत आँखों से उसी ओर देखने लगीं जहां आने जाने वालों की भीड़ इकट्ठी होती जा रही थी।
दोनों ओर का ट्रैफिक रुक गया। ट्रैफिक कांस्टेबल सीटियाँ
बजाता हुआ इधर-उधर भाग रहा था। (उपन्यास का प्रथम दृश्य)
बंद कमरे में खून आरिफ माहरर्वी
बंद कमरे में खून आरिफ माहरर्वी
 लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में आरिफ माहरर्वी का नाम जासूसी और सामाजिक उपन्यासकार के रूप में जाना जाता है।
   जहाँ इन्होंने जासूसी उपन्यास आरिफ माहरर्वी के नाम से लिखे हैं वहीं सामाजिक उपन्यास राजवंश के नाम से लिखे हैं। इन्होंने कुछ फिल्मों के लिए कथा लेखन का भी काम किया है,जैसे मिथुन चक्रवर्ती की 'गन मास्टर'।
    सन् 1971 में दिल्ली से जासूसी पंजा सीरीज के अन्तर्गत इनका उपन्यास 'बंद कमरे में खून' प्रकाशित हुआ था।

Wednesday, 6 July 2022

523. तेरा खंजर मेरी लाश - एस. सी. बेदी

लाशों का जंगल
तेरा खंजर मेरी लाश - एस. सी. बेदी

प्रथम दृश्य
"कहिये, क्या बात है?"- हरमेश तिवारी ने पूछा।
" हरपालपुर के जंगल में मैं एक युवती की लाश देखकर आ रहा हूँ।"

दृश्य द्वितीय
हवलदार चौंकता हुआ बोला-"यह तो उसी नौजवान की लाश है, जो कल थाने आया था।"
दृश्य तृतीय
तभी फोन की घण्टी बज उठी। रिसीवर उठाकर वह बोला -"हैल्लो, मैं राजन बोल रहा हूँ।"
"मैं‌ इंस्पेक्टर हरमेश हूँ। जंगल में फिर एक कत्ल हो गया है। जल्दी पहुंचो।"
 उक्त तीनों दृश्य एस.सी. बेदी द्वारा रचित उपन्यास 'तेरा खंजर मेरी लाश' के हैं। यह बाल सीक्रेट एजेंट 999 राजन इकबाल सीरीज का उपन्यास है।
उपन्यास का प्रथम पृष्ठ पढते ही पता चल जाता है की यह एक प्रसिद्ध लेखक के उपन्यास की पूर्णतः नकल है।
   बाल जासूसी साहित्य में एस. सी. बेदी सर्वश्रेष्ठ कथाकार माने जाते हैं।  हालांकि और भी कुछ लेखकों ने बाल साहित्य लेखन किया है लेकिन आज उन लेखकों और उनकी रचनाओं का कहीं कुछ पता नहीं चलता। एक लेखक थे रविन्द्र रवि उनकी कुछ रचनाएँ अवश्य उपलब्ध हैं, बाकी बाल साहित्य में अधिकांश Ghostलेखन ही हुआ है।

522. हेरिटेज होस्टल हत्याकाण्ड- आनंद चौधरी

बंद कमरे में खून
हेरिटेज होस्टल हत्याकाण्ड- आनंद चौधरी

हेरिटेज हॉस्टल के अन्दर से बंद एक कमरे में जिस अजीबोग़रीब तरीके से शीतल राजपूत की हत्या हुई थी , उस तरीके से हत्या कर पाना किसी आदमजात के लिये कतई मुमकिन नहीं था। वो हत्या कोई प्रेतलीला ही हो सकती थी।
    नमस्कार पाठक मित्रो,
   आपके समक्ष प्रस्तुत आनंद चौधरी के द्वितीय उपन्यास 'हेरिटेज होस्टल हत्याकांड' की समीक्षा। बिहार के निवासी आनंद चौधरी जी का सन् 2008 में उपन्यास आया था 'साजन मेरे शातिर' और अब सन् 2022 में एक लम्बे अंतराल पश्चात इनका उपन्यास 'हेरिटेज होस्टल हत्याकांड' प्रकाशित हुआ है। दोनों उपन्यास मर्डर मिस्ट्री हैं, लेकिन द्वितीय उपन्यास का कथानक एक अलग ही विषय के साथ प्रस्तुत किया गया है। और वह विषय है हाॅरर मर्डर मिस्ट्री। 
     प्रस्तुत उपन्यास की कहानी का आरम्भ एक होस्टल में रहस्यमय तरीके से हुये वीभत्स हत्याकांड से होता है। होस्टल गर्ल शीतल राजपूत की बंद कमरे में वीभत्स ढंग से हत्या होती है, हत्यारा एक-एक अंग को काट-काट कर अलग रख देता है और सारे रक्त को चाट जाता है। लेकिन आश्चर्यजनक बात यह है कि कमरा अंदर से बंद है, कहीं कोई खिड़की तक खुली नहीं है। कोई सबूत, कोई  आखिर हत्यारा कमरे में से बाहर कैसे निकला और उसने इतने नृशंस ढंग से हत्या क्यों की।
      पुलिस अभी तक ये साबित नहीं कर पाई है कि इस केस से सबंधित सारी घटनायें कोई पिशाच-लीला थी, या किसी इंसान का काला कारनामा।

Sunday, 3 July 2022

521. तथास्तु - शगुन शर्मा

कत्ल की रोचक कहानी
तथास्तु- शगुन शर्मा

लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में वेदप्रकाश शर्मा जी एक सशक्त हस्ताक्षर रहे हैं। उनके उपन्यासों की संख्या चाहे कम हो पर उनके पाठकों की संख्या विशाल है। और इस विशाल पाठक वर्ग को वेद जी जैसे लेखक की तलाश रहती है। जब वेदप्रकाश शर्मा जी के पुत्र शगुन शर्मा का नाम उपन्यासकार के रूप में सामने आया और उनके आरम्भ के उपन्यास पढे तो बहुत रोचक लगे।
   एक लम्बे समय पश्चात शगुन शर्मा जी का उपन्यास 'तथास्तु' पढा। 
     उपन्यास 'तथास्तु' एक थ्रिलर मर्डर मिस्ट्री है। जो रहस्य और रोमांच का मिश्रण लिये हुये है। उपन्यास का आरम्भ पाठक जो वेदप्रकाश शर्मा जी के लेखन की याद दिलाता है।
    उपन्यास का आरम्भ प्लेबैक सिंगर रागिनी माधवन से होता है। रागिनी का पूरा नाम रागिनी माधवन था। वह यौवनावस्था के नाजुक दौर को पहुंची किसी ताजा खिले गुलाब सी सुंदर युवती थी। उसकी आवाज में जैसे जादू और आँखों में हद दर्जे का आकर्षण था। बला के हसीन चेहरे पर शैशव का अल्हड़पन तथा गजब का आत्मविश्वास था। 

Monday, 13 June 2022

520. सावधान, आगे थाना है - राकेश पाठक

भ्रष्ट पुलिस और राजनीति की कहानी
सावधान आगे थाना है- राकेश पाठक
पुलिस स्टेशन का बोर्ड देखकर माँ रुक गयी और उखड़ी सांसों को दुरुस्त करने लगी।
“भगवान का शुक्र है बेटी कि हम उन गुण्डों से पीछा छुड़ाकर यहां तक पहुंच गयी हैं। अगर हम उनके हत्थे चढ़ गयी होती तो वो हमारा सामान और गहने तो लूटते ही, साथ ही तेरी इज्जत से भी खेलते। ये भी हो सकता था कि कानून के डर से वो हम दोनों को जान से मार कर हमारी लाशों को ठिकाने लगा देते। वो देखो, सामने थाना है। अब डरने की कोई जरूरत नहीं है। अब हम सेफ हैं।" 
“हम सेफ नहीं हैं, मम्मी !"
"क्या मतलब?" 
"चलो, जल्दी से वापिस चलो।” 
“दिमाग खराब हुआ है क्या तेरा ? वापिस गये तो वो गुण्डे मिल जायेंगे।" 
“भले ही मिल जायें। लेकिन वो इतने बुरे नहीं होंगे, मगर हम थाने के सामने से गुजरी और पुलिस वालों के हत्थे चढ गयी तो हमारा वो हाल होगा, जो कि गुण्डे भी नहीं करेंगे।"
 क्या वर्तमान समय में पुलिस व्यवस्था इतनी भ्रष्ट हो गयी है?

Friday, 13 May 2022

519. मैंटल मसीहा- अंसार अख्तर

अंसार अख्तर का प्रथम उपन्यास
मैंटल मसीहा- अंसार अख्तर

"... मैं यहाँ बैठकर रेडीयो लहरों व इलैक्ट्रा के मिश्रण से तबाही मचा सकता हूँ। दुनिया के जिस देश, जिस शहर और जिस व्यक्ति को चाहूँ नष्ट कर सकता हूँ। मेरे हाथों में पूर्ण शक्ति है। मैं संसार का भावी डिक्टेटर हूँ। अगर सारी सरकारों ने मेरा आदेश न माना तो मैं पूरे विश्व को नष्ट कर दूंगा।" 
  मैंटल मसीहा 'अंसार अख्तर' साहब का अपने नाम से प्रकाशित होने वाला प्रथम उपन्यास है। वैसे तो अंसार अख्तर साहब लोकप्रिय उपन्यास साहित्य में लम्बे समय से सक्रिय हैं, उन्होंने विभिन्न नामों से Ghost writing की है। उपन्यास के अतिरिक्त काॅमिक्स क्षेत्र में 'राम- रहीम' और 'हवलदार बहादुर' जैसे पात्रों का सृजन करने और  'हिंद पॉकेट बुक्स' जैसी प्रसिद्ध संस्थान में 'अमित', 'अमिताभ' जैसे नाम से लेखन कार्य करने के पश्चात अंसार अख्तर साहब को स्वयं के नाम से प्रकाशित होने का अवसर 2019 में 'प्रिंस पब्लिकेशन' के माध्यम से मिला।
      अंसार साहब का प्रस्तुत उपन्यास 'मैंटल मसीहा' एक तेज रफ्तार उपन्यास है जो सुपर हीरो टाइप की कहानी  प्रस्तुत करता है। उपन्यास पढते वक्त पाठक को काॅमिक्स और उपन्यास का मिश्रण महसूस होगा। 

Tuesday, 10 May 2022

518. तीसरी आँख - कमलदीप

 लेखक कमलदीप का प्रथम उपन्यास
तीसरी आँख - कमलदीप #मर्डर मिस्ट्री

पत्थर की जुबान रखने वाले शातिर अपराधी भी अमन के आगे तोते की तरह बोलने लगता था। मुर्दे के हलक में हाथ डालकर सच्चाई उगलवाने की काबिलियत थी उसमे , वही अमन वर्मा रामा पैलेस में एक के बाद एक हो रहे क़त्ल के चक्रव्यूह में उलझ कर रह गया था। तीन -तीन क़त्ल की वारदांतो ने उस तेज तरार जासूस की खोपड़ी घुमा कर रख दी थी उसकी तीसरी आँख क्या इन क़त्ल का राज़ उजागर कर सकी...?  
    'तीसरी आँख' कमलदीप जी के स्वयं के नाम से प्रकाशित होने वाला प्रथम उपन्यास है। उपन्यास का प्रकाशन 'अजय पॉकेट बुक्स- दिल्ली' ने किया है। कमलदीप जी लम्बे समय से उपन्यास साहित्य में सक्रिय हैं, पर Ghost Writing के शिकार होने के कारण कभी स्वयं के नाम से प्रकाशित होने का अवसर नहीं मिला। 'अजय पॉकेट बुक्स' के कथनानुसार गौरी पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होने वाले Ghost writer 'केशव पण्डित' का प्रथम उपन्यास 'सुहाग की हत्या' कमलदीप जी द्वारा लिखा गया है।

Friday, 6 May 2022

517. साजन मेरे शातिर- आनंद चौधरी

एक तेज दिमाग अपराधी का जाल
साजन‌ मेरे शातिर- आनंद कुमार चौधरी

 
      प्रस्तुत उपन्यास की कहानी एक तेज तर्रार एक अपराधी की है जो अपराध तो करता है लेकिन कानून का फंदा किसी और के गले में डालने की योजना के साथ।
शातिर अपराधी द्वारा खेला गया वो खूनी खेल जिसने कानून के रक्षकों को चकराकर रख दिया।
National Garden- Mount Abu

       Hindi Pulp Fiction का वह समय जब उपन्यास साहित्य के मैदान में नये लेखक आ रहे थे और दूसरी तरफ मनोरंजन के साधन तीव्र गति से बदल रहे थे, इन बदलते मनोरंजन के साधनों के साथ ही उपन्यास का दौर भी सिमट रहा था। ऐसे समय में सन् 2008 में आनंद चौधरी जी का उपन्यास 'साजन मेरे शातिर' प्रकाशित हुआ। प्रकाशन के दीर्घ समय पश्चात उपन्यास पढने को मिला।
  और अब आनंद चौधरी एक लम्बे अंतराल पश्चात 'होस्टल हेरीटेज हत्याकाण्ड' (2022) उपन्यास के साथ पुनः लेखन में सक्रिय हुये हैं।
      'साजन मेरे शातिर'    उपन्यास की कहानी एक एक्सीडेंट से होता है, देखने में वह एक सामान्य एक्सीडेंट था जिसमें प्रसिद्ध व्यवसायी हरिमोहन भगत के भाई निरंजन भगत की मृत्यु हो जाती है। देखने में यह एक रोड़ एक्सीडेंट था, लेकिन मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर रमन भौंसलेकर का कहना था- पुलिस वाले को किसी भी घटना या असाधारण बात को हर ऐंगल से ठोक बजाकर सोच लेना चाहिये क्योंकि कभी-कभी ऐसा भी होता है कि ऊपर से छोटी-मोटी लगने वाली घटना भी अंदर से अपने आप में एक बड़ी घटना होती है। (पृष्ठ-12)

Monday, 25 April 2022

516. तफ्तीश - सबा खान, जेम्स हेडली चेइज

आठ कत्ल और एक सिरफिरा
तफ्तीश- जेम्स हेडली चेईज
अनुवाद-  सबा खान

वैलेरी बर्नेट एक धनकुबेर की बेटी थी। उसने क्रिस बर्नेट से विवाह किया था जिस पर वह जान छिड़कती थी। मगर एक दुर्घटना ने उन दोनों का जीवन बदल दिया। दुर्घटना में क्रिस के सिर में लगी चोट ने उसे मानसिक रूप से अस्थिर कर दिया। फिर एक दिन वह चौबीस घंटों के लिए गायब हो गया। उसी दौरान एक होटल में एक युवती की नृशंस तरीके से हत्या हो जाती है।
-क्या उस हत्या से क्रिस का कोई संबंध था?
-या फिर वह केवल परिस्थितियों का शिकार था?
- क्या वैलेरी अपने पति के लिए कुछ कर पाई?
- क्या वाकई क्रिस निर्दोष था?
             विश्व प्रसिद्ध अपराध कथा लेखक ‘जेम्स हेडली चेज़’ के फ्रेंक टेरेल सीरीज़ के प्रथम एवं प्रसिद्ध उपन्यास ‘THE SOFT CENTRE’ का मूल ‘Corgi Edition’ से अविकल अनुवाद
। (Kindle से)

Friday, 22 April 2022

515. महल - चन्द्रप्रकाश पाण्डेय

कहानी एक नर भेड़िये की
महल - चन्द्रप्रकाश पाण्डेय

कामरान हुसैन अव्वल दर्जे का मुसव्विर था लेकिन उसके हुनर पर एक बदनुमा दाग ये था कि कभी-कभी उसके बनाए हुए चित्र किसी की मौत का फरमान बन जाते थे। जिन बदकिस्मत लोगों की शक्लें उसके कैनवास पर नुमाया होती थीं, उनके साथ अगले ही रोज़ से अजीबोगरीब वाकयात होने लगते थे। उन्हें न समझ आने वाली आवाजें सुनाई देने लगती थीं और अंत में एक काला साया उन्हें लेकर किसी रहस्यमयी महल में चला जाता था।
(kinlde से) 
        लोकप्रिय उपन्यास साहित्य (Hindi Pulp Fiction) में युवा लेखक चन्द्रप्रकाश पाण्डेय जी एक हाॅरर कथा में एक सशक्त हस्ताक्षर बन कर उभरे हैं। इनकी रचनाएँ परम्परा से चली आ रही अतार्किक कथाओं से इतर कुछ नया, तार्किक विश्वसनीय  और धार्मिक मान्यताओं से संबंधित होती हैं।
    चन्द्रप्रकाश पाण्डेय जी का नया उपन्यास 'महल' (प्रकाशन- अप्रैल-2022) किंडल‌ पर पढा जो एक रोचक हाॅरर कथा पर आधारित है।

Wednesday, 20 April 2022

514. झूठी औरत - सुरेन्द्र मोहन‌ पाठक

एक ब्लैकमेलर और एक झूठी औरत
सुनील सीरीज-21
झूठी औरत- सुरेन्द्र मोहन पाठक

सुनील किसी ‘डैमसेल को डिस्ट्रेस’ में ना देख पाने की अपनी लाचारी से मजबूर था। लेकिन इस बार उस ‘डैमसेल’ - झूठी ‘डैमसेल’ ने उसकी ऐसी चक्करघिन्नी बनाई कि वो खुद ही ‘डिस्ट्रेस’ में आ गया। कला नाम की एक ऐसी खूबसूरत औरत की कहानी कदम-कदम पर झूठ बोलने की कला में खूब पारंगत थी। (किंडल से)
'झूठी औरत' सुरेन्द्र मोहन पाठक जी द्वारा लिखित सुनील सीरीज का इक्कीसवां उपन्यास है। जो मूल रूप से एक अंग्रेजी उपन्यास का हिंदी रूपांतरण है।

Friday, 15 April 2022

513. आतंक - नरेन्द्र कोहली

आम आदमी के भय की कथा
आतंक - नरेन्द्र कोहली

मेरे प्रिय कथाकारों में से एक हैं नरेन्द्र कोहली। नरेन्द्र कोहली जी पौराणिक कथाओं को आधार बना, पौराणिक कथाओं पर जो साहित्य रचना करते हैं वह मेरी दृष्टि में अनुपम है। 'महासमर', 'हिडिम्बा', 'वरुणपुत्री' ऐसी ही रचनाएँ हैं जो पाठक को प्रभावित और सोचने के लिए विवश करती हैं।
     किंडल अनलिमिटेड पर नरेन्द्र कोहली जी का उपन्यास 'आतंक' पढा। यह कहानी है आम आदमी की, उस मनुष्य की जो शांति पसंद है, जो अपने परिवार को पालना चाहता है, कानून की पालना करता है लेकिन कुछ समाजिक तत्वों के चलते सीदे-सादे मनुष्य को कैसे आतंक में जीना पड़ता है।

Tuesday, 5 April 2022

512. दिमागी कसरत - अमित खान

रीटा सान्याल का प्रथम मुकदमा
दिमागी कसरत - अमित खान

रीटा सान्याल एक बड़ी लॉयर थी। बड़े-बड़े मुकदमें लड़ती थी। लेकिन एक बार उसकी ज़िन्दगी में एक बड़ा चौंका देने वाला केस आया। रीटा सान्याल से एक कविता नाम की लड़की आकर मिली। कविता बेहद दौलतमंद थी । उसके पास ऐशो-आराम की हर चीज़ थी। कविता की ज़िन्दगी अच्छे से गुजर रही थी, लेकिन तभी उसकी ज़िन्दगी में एक ज़बरदस्त भूचाल आ गया। एक दिन कविता से एक अजनबी लड़का आकर मिला और उससे कहने लगा कि वह उसका सगा भाई है! चौंक गयी कविता! वह उसका सगा भाई कैसे हो सकता था? कविता ने चीख-चीखकर कहा, वह उसका सगा भाई नहीं है। नहीं है!! लेकिन हैरानी तब हुई, जब उस अजनबी लड़के ने अपने सगे भाई होने के बड़े फूलप्रूफ सबूत भी कविता के सामने पेश कर दिये।
चौंक गयी कविता! 

क्या चक्कर था? क्या मायाजाल उसके इर्द-गिर्द रचा जा रहा था।
जब रीटा सान्याल ने उस राज़ के ऊपर से पर्दा उठाया, तो एक बेहद चौंका देने वाला सच सामने आया।
अमित खान का एक बेहद शानदार उपन्यास। (किंडल से)