इंकलाब - भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का
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ख्वाजा अहमद अब्बास एक अच्छे फिल्मकार हैं और उतने हि अच्छे एक लेखक भी हैं। इनकी कहानियां अक्सर पढने को मिल जाती हैं, लेकिन इनका उपन्यास पहली बार पढा॥
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर लिखा गया एक दिलचस्प उपन्यास है। एक युवा को केन्द्र में रख कर लिखा गया यह उपन्यास उस समय को पाठक के सामने एक रोचक ढंग से प्रस्तुत करता है।
एक मुस्लिम युवक जो गांधी जी को अपना अादर्श मानता है, लेकिन वह जिस माहौल, शिक्षण संस्थान में रहता है, वहाँ गांधी जी और आंदोलनकारियों को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता।
एक युवक जो जलियांवाला बाग हत्याकांड, असहयोग आंदोलन, दांडी यात्रा और सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रत्यक्षी है, जो गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविंग समझौते का स्टीक चित्रण करता है, पर एक इतिहासकार की नजर से नहीं, अपितु एक शिक्षित,आंदोलनकारी, पत्रकार युवा के दृष्टिकोण से। यही तथ्य इस उपन्यास को पढने में रोचक बनाता है।
हालांकि इस उपन्यास का कोई समापन नहीं है, और ये सन 1947 से पूर्व खत्म हो जाता है,पर पढनें में रोचक है॥उपन्यास - इंकलाब
लेखक- ख्वाजा अहमद अब्बास।
विषय - भारतीय स्वतंत्रता संग्राम ॥
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इस उपन्यास कि pdf प्रति निशुल्क उपलब्ध है।
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Wednesday, 14 December 2016
3. इंकलाब- उपन्यास
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