अपने बेटे को तलाशते एक डिटेक्टिव की कहानी
कत्ल की कीमत- प्रकाश भारती
"इन हत्याओं और करोड़ों के जवाहरात से कोई मतलब मुझे नहीं है... लेकिन अगर मेरा अपहृत बेटा मर गया तो यह सीधा-सीधा कत्ल होगा और इसके लिए जिम्मेदार शख्स को उस कत्ल की कीमत चुकानी ही पड़ेगी...।"(कत्ल की कीमत- प्रकाश भारती)
लोकप्रिय कथा साहित्य में अच्छी, तेज रफ्तार, कसावट और बंधी हुयी कहानियां प्रकाश भारती जी के उपन्यासों में पढने को मिलती है। इसी कारण से प्रकाश भारती जी मेरे पसंदीदा लेखकों में से एक हैं। और प्रस्तुत उपन्यास लेखक का बारहवां थ्रिलर उपन्यास है। तो बाकी ग्यारह- डबल क्राॅस, नकली चेहरा, जिंदा लाश, मर्डर सस्पैक्ट,फरार मुजरिम, ट्रिपल मर्डर(तीन खून), जान का खतरा, खून खराबा, असली मुजरिम, बिग शाॅट, खून की कसम हैं।
अब बात करते हैं हम प्रस्तुत उपन्यास 'कत्ल की कीमत' की ।आठ फरवरी ।कत्ल की कीमत- प्रकाश भारती
शाम सवा चार बजे ।
मनोज वर्मा को लगा, धीरे-धीरे घूमते कमरे के साथ- साथ यह खुद भी घूम रहा था और कोई उसकी बांह पकड़ उसे रोकने की कोशिश कर रहा था। फिर उसे लगा, किरण पुकार रही थी।




