शरारती टाॅम के साहसी कारनामें
The Adventures of Tom Sawyer- Mark Twain
"टॉम !"
कोई उत्तर नहीं ।
"ओ टॉम ! आखिय हो क्या गया है इस लड़के को ? ओ टॉम !"
बूढ़ी पाली मौसी ने अपना चश्मा नाक पर नीचे गिराकर, उसके ऊपर से कमरे में चारों ओर नजर दौड़ाई । फिय उन्होंने चश्मे को माथे पर चढ़ाकर चारों ओर देखा । चश्मे के अन्दर से शायद ही कभी उन्होंने देखने की कोशिश की हो। और सच तो यह है कि वह चश्मा आंख की कमजोरी के कारण नहीं, फैशन के लिए लिया गया था। वे थोड़ी देश तक उलझन में पड़ी खड़ी रहीं, फिर ककंश स्वर में तो नहीं, किन्तु स्वर को इतना तेज बनाकर जरूर बोलीं कि कम से कम कमरे में रखे फर्नीचर उनकी बात सुन सकें, "आज अगर मैं तुझे पकड़ पाऊं तो मैं..."
किन्तु वे अपनी बात पूरी नहीं कर सकीं, क्योंकि उन्होंने झुककर बिस्तर के नीचे झाड़ पीटना शुरू कर दिया था। किन्तु झाड़ पीटकर वे बिस्तर के नीचे से एक बिल्ली के अतिरिक्त और कुछ नहीं निकाल सकीं ।
"ओफ्, ऐसा लड़का तो मैंने कहीं देखा ही नहीं !" दरवाजे पर जाकर उन्होंने बाग में फैले टमाटर के पौधों और 'जिम्पसन' के वृक्षों के बीच भी देखा मगर कहीं भी टॉम का पता न था। सो अब स्वर को काफी ऊंचा करके चिल्लाई, "ओ टॉम !"
नमस्ते पाठक मित्रो,
आज प्रस्तुत है अंग्रेजी के प्रसिद्ध लेखक Mark Twain की एक चर्चित कृति The Adventures of Tom Sawyer का सरल हिंदी अनुवाद की समीक्षा ।
यह कहानी है एक बहादुर बच्चे की जो अपने मित्रो के साथ कुछ ऐसे साहसिक कार्य करता है कि वह गांव का प्रिय बालक बन जाता है।
कहानी आरम्भ होती है बालक टाॅम से जो अपनी मौसी पाली के पास रहता है। टाॅम थोड़ा शरारती है, आवारा घूमना पसंद है और स्कूल न जाना भी । वह अपनी शरारतों से मौसी को तंग करता रहता है और मौसी उसे प्यार भी करती है और डांटती भी है ।
टाॅम की जीवन शरारतों के साथ अच्छा बीत रहा है । कभी मौसी से डांट तो कभी दुलार, कभी मित्रों को मूर्ख बनाना तो कभी विद्यालय में बहाना बनाना तो कभी अध्यापकों से मार खाना फिर भी टाॅम अपनी जिंदगी में मस्त है।
टाॅम के जीवन में परिवर्तन तब आता है जब गांव में एक न्यायाधीश आता है और न्यायधीश की छोटी बहन कैथी की तरफ टाॅम सायर आकर्षित होता है। वह कैथी को आकर्षित करने के लिए बहुत यत्न करता है और सफल भी होता है।
यहां से आगे कहानी अलग-अलग दिशाओं की तरह हो जाती है और लेखक या अनुवादक महोदय कहानी की लय नहीं बना पाते । जैसे एक बार टाॅम और उसके दो दोस्त हकिलबरी और ...घर से भाग कर एक टाॅप पर चले जाते हैं । गांव वाले उन्हें तलाशने के पश्चात मृत मानकर चर्च में प्रार्थना करते हैं तो उस दिन तीनों वहाँ पहुंच जाते हैं। यह कहानी का रोचक अंग है पर इस प्रसंग का शेष कहानी से कोई संबंध नहीं ।
कहानी के मध्य एक कत्ल और उसके गवाह है टाॅम और हकिलबरी यह भी प्रसंग अच्छा है लेकिन यह इतना अवस्थित है की इस का रोमांच ही खत्म जो जाता है।
वहीं गुफा में टाॅम और कैथी के गायब होने के प्रसंग भी शानदार थे लेकिन बीच में कुछ और घटनाएं आ जाने के कारण उनका आनंद भी समाप्तप्राय ही समझें।
जहां तक मुझे लगता है यह एक विस्तृत उपन्यास था लेकन अनुवादक महोदय ने इसे संक्षिप्त करने कड चक्कर में इसका आनंद खत्म कर दिया । घटनाएं तो सभी रखी उनको संक्षिप्त भी किया लेकिन घटनाओं को परस्पर संबंधित करने वाले तथ्य खत्म कर दिए, ऐसा लगता है।
हां आप टाॅम के विषय में अच्छा जान सकते हैं। उसका स्वभाव उसके कारनामे उसके मित्र इत्यादि ।
मैं कम से कम इस संस्करण से तो बचने की सलाह देता हँ। अगर कहीं और अच्छा अनुवाद मिले तो अवश्य पढें ।

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